देव ने दोबारा पहली रैंक पाकर नाम रोशन किया
हल्द्वानी। रामपुर रोड स्थित जीतपुर नेगी के प्रेम विहार निवासी देव बिष्ट ने पंतनगर विश्वविद्यालय की स्नातक प्रवेश परीक्षा में पहली रैंक पाकर हल्द्वानी का नाम रोशन किया है। यह कामयाबी देव ने कड़ी मेहनत से तैयारी करके पाई है। वह बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर भविष्य में इंजीनियर बनना चाहता है। देव के पिता हरीश चंद्र सिंह बिष्ट लमगड़ा के पास राजकीय हाईस्कूल में अध्यापक, माता उमा बिष्ट गृहणी हैं। बचपन से पढ़ाई में होनहार देव ने अपनी सफलता का श्रेय गुरुजनों, माता-पिता को दिया है। उसका कहना है कि अगर लक्ष्य तय कर पढ़ाई की जाए तो उसमें सफलता अवश्य मिलती है। जेईई मेन में ऑल इंडिया 269 रैंक पा चुके देव उस वर्ग में उत्तराखंड टॉपर भी रहे हैं।
संदीप जोशी एमएससी करके वैज्ञानिक बनना चाहता है
हल्द्वानी। आरके टेंट हाउस रोड कुसुमखेड़ा स्थित गोकुल विहार निवासी संदीप जोशी ने जीबी पंत विश्वविद्यालय पंतनगर की परास्नातक प्रवेश परीक्षा में दूसरी रैंक हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया है। संदीप के पिता भुवन चंद्र जोशी जल निगम में पंप ऑपरेटर, माता तारा जोशी गृहणी हैं। संदीप एमएससी की पढ़ाई कर वैज्ञानिक बनना चाहता है। मेधावी छात्र संदीप ने इंटर तक शिक्षा हल्द्वानी के दून पब्लिक स्कूल, कलावती चौराहे से वर्ष 2014 में पूर्ण की, बीएससी एमबीपीजी कॉलेज से किया। अपनी पढ़ाई का खर्चा जुटाने के लिए संदीप ने छड़ायल स्थित मास्टर्स क्लासेज में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया और अपनी मेहनत से भविष्य संवारने का रास्ता चुना। संदीप ने अपनी सफलता का श्रेय माता, पिता, गुरुजनों को दिया है। वह अपनी कामयाबी के लिए मास्टर्स क्लासेस के तरुण सक्सेना को भी श्रेय देते हैं।
पंतनगर विवि की प्रवेश परीक्षा में देवेंद्र ने पाई तीसरी रैंक
हल्द्वानी। जवाहर ज्योति दमुवाढूंगा निवासी देवेंद्र सिंह ने पंतनगर विश्वविद्यालय की एमसीए पाठ्यक्रम की प्रवेश परीक्षा में तीसरी रैंक पाकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। देवेंद्र एमसीए की पढ़ाई पूरी कर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर देश का नाम रोशन करना चाहता है। देवेंद्र के पिता मोहन सिंह स्वास्थ्य विभाग भीमताल में पर्यवेक्षक हैं। माता आशा देवी गृहणी हैं। देवेंद्र ने इंटर तक की शिक्षा नैनीताल रोड स्थित इंस्पिरेशन सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पूर्ण की, इसके बाद बीसीए ग्राफिक ऐरा से किया। देवेंद्र का कहना है कि अगर लगन, कड़ी मेहनत से पढ़ाई की जाए तो उसमें कामयाबी जरूर मिलती है। पढ़ाई चाहे हाईस्कूल की हो या फिर उच्चशिक्षा की, सभी में कड़ी मेहनत जरूरी है।