रानीखेत (अल्मोड़ा)। मांगों को लेकर यहां कुंवाली में धरना जारी है। वक्ताओं ने कहा कि तहसील का सुदूरवर्ती क्षेत्र होने का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र से निरंतर पलायन बढ़ रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन के नुमाइंदों की कानों में जूं तक नहीं रेंग रही। क्रमिक अनशन की रणनीति भी बनाई गई। वक्ताओं ने क्षेत्र के पिछड़ेपन के लिए जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन के नुमाइंदों को जिम्मेदार ठहराया।
कुंवाली में राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलने, एलोपैथिक अस्पताल खोलने सहित आठ सूत्री मांगों को लेकर पिछले 17 दिनों से धरना चल रहा है। संयुक्त मजिस्ट्रेट हिमांशु खुराना भी अधिकारियों को लेकर मौके पर पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी।
आंदोलनकारियों का कहना है कि सड़कों की हालत खराब होने से ग्रामीण परेशान हैं, क्षेत्र से निरंतर पलायन हो रहा है। धरने के दौरान जमकर नारेबाजी की गई।
कहा कि अब क्रमिक अनशन होगा। यदि फिर भी मांग पूरी नहीं हुई तो आमरण अनशन, चक्काजाम जैसे उग्र कदम उठाए जाएंगे। धरने पर जवाहर सिंह नेगी, राजेंद्र बिष्ट, गिरीश जोशी, हरिनारायण जोशी, भूपाल राम, राजू रावत, रवि पांडे, विक्रम रावत,पूरन बिष्ट सहित तमाम लोग मौजूद थे।