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हाथी का बच्चा मरा

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हल्द्वानी। कालूखेड़ा के जंगल में हाथी केबच्चे का शव पड़ा मिला है। वन विभाग का दावा है कि मृत शिशु हाथी की उम्र दो से तीन साल थी। शव दो दिन पुराना है, शरीर पर चोट के निशान नहीं है इसलिए मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा।
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हल्द्वानी वन प्रभाग की छकाता रेंज के अंतर्गत कालूखेड़ा बीट में वन कर्मी गश्त कर रहे थे। इस बीच जंगल में लकड़ी बीनने गए ग्रामीणों ने जंगल में हाथी का बच्चा मरा हुआ देखा। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना गश्ती दल को दी। सूचना पर छकाता रेंजर शालिनी जोशी फोर्स के साथ मौके पर पहुंची।

उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया। जोशी का कहना है कि हाथी की उम्र करीब दो-तीन साल थी। शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं पाया गया है। मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा फिर मौत की वजह पता चलेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि नकेल गांव से दो तीन किमी दूर घने जंगल में शव पड़ा मिला है इसलिए मानव वन्य जीव संघर्ष की घटना नहीं लगती है। फिर भी इस पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
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गोली लगने से मौत की आशंका
ग्रामीणों ने हाथी के बच्चे की गोली लगने से मौत होने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि जंगल में शिकारियों ने हाथी दांत के लिए बच्चे की गोली मार दी है। हालांकि वन विभाग ने इससे इंकार किया है।

झुंड से बिछुड़ना भी हो सकती है मौत की वजह
वन्य विशेषज्ञों की मानें तो इतना छोटा हाथी आमतौर पर झुंड से नहीं बिछड़ता है। आशंका है कि यह बच्चा झुंड से बिछुड़ गया होगा और भोजन नहीं मिलने पर मर गया होगा। हालांकि बीमारी से भी मरने की आशंका जताई जा रही है।
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कोट
हाथी के बच्चे की उम्र दो-तीन साल थी। मौत के कारण अभी पता नहीं चल सके हैं, पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की वजह पता चल सकेगी।
= एसी आर्य, उप प्रभागीय वनाधिकारी हल्द्वानी वन प्रभाग
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