हल्द्वानी। शेयर बाजार में आई गिरावट का असर हल्द्वानी पर भी पड़ा है। शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों को हजार से लाखों रुपये तक का घाटा हुआ है। विशेषज्ञों की मानें तो हल्द्वानी के बाजार में भी 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
हल्द्वानी में 1,000-1,200 निवेशक हैं जिनमें 300-350 दीर्घ अवधि में निवेश करते हैं जबकि 700-850 निवेशक हैं जो रोजाना उतार चढ़ाव के हिसाब से खरीदारी करते हैं। मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार का सेंसेक्स 1600 अंक लुढ़क गया। सेंसेक्स के लुढ़कने का असर यहां के निवेशकों पर भी साफ साफ दिखाई दिया है। विशेषज्ञों की माने ंतो यहां 10 हजार से 2.5 करोड़ रुपये तक शेयर बाजार में निवेश करने वाले हैं। सेंसेक्स गिरने से यहां का बाजार भी 15 फीसदी तक गिर गया जिससे इन निवेशकों को भी घाटा उठाना पड़ा है। इससे एक निवेश को न्यूनतम डेढ़ हजार से लेकर अधिकतम 20-30 लाख का घाटा हुआ है। उधर, बाजार के गिरावट में भी विशेषज्ञों के अलग-अलग तर्क हैं। एक पक्ष बजट में दीर्घ अवधि निवेश पर होने वाली आय को कर के दायरे में लाने की वजह बता रहा है जबकि दूसरा पक्ष विदेशी बाजार में पांच फीसदी हुई गिरावट को वजह बता रहा है।
निवेशकों की निगाह बुधवार को भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से होने वाली मौद्रिक नीति की समीक्षा पर भी है। निवेशक महंगाई दर को नियंत्रित करने के लिए रिजर्व बैंक की ओर से अपनाए जाने वाले उपायों पर निगाह जमाए बैठे हैं।
सेंसेक्स गिरने से यहां के निवेशकों पर भी असर पड़ा है। यहां के बाजार में अनुमानित 15 फीसदी की गिरावट हुई है। सबसे ज्यादा असर दीर्घ अवधि वाले निवेशकों पर हुआ है।
-रेखा गड़िया साह, सहायक प्रबंधक कार्वी