नैनीताल। सरोवरनगरी की जनता पेयजल के लिए तरसती रही और सरकारी विभाग लाखों लीटर पानी गटर में बहाते रहे। आम लोगों समेत पर्यटन, डाक विभाग ने भी छतों का पानी सीवर लाइन के सहारे नगर से बाहर बहा दिया। अब हाईकोर्ट ने सीवर लाइन से जुड़े सभी कनेक्शन काटने के निर्देश जल संस्थान को दिये हैं। इससे झील का जलस्तर बढ़ने की उम्मीद जगी है।
नैनी झील सरोवरनगरी का मुख्य आकर्षण है। नगरवासियों के लिए पेयजल का भी यही एकमात्र स्रोत है। कुछ सालों से हर बार झील का जलस्तर शून्य हो जाता है। इसको बचाने के लिए पीने के पानी में कटौती करके झील के गिरते जलस्तर को बचाया जा रहा है। इसी बीच बुद्धिजीवियों की ओर से सवाल उठाया गया कि हर साल करोड़ों लीटर बारिश का स्वच्छ पानी सीवर लाइन के सहारे नगर से बाहर जाकर बर्बाद हो रहा है क्योंकि लोगों ने अपने घरों की छतों का पानी सीवर लाइन से जोड़ा है, जबकि अगर यह पानी सीवर में न जाकर नालों के सहारे नैनी झील में जाए तो जलस्तर काफी बढ़ जाएगा और नगर की जनता को पहले से ज्यादा पेयजल मिल सकेगा। इसके बाद जलसंस्थान समेत कई विभागों की संयुक्त टीम ने नगर में ऐसी छतों की तलाश की, जिनका पानी सीवर से जुड़ा था। मुख्य डाकघर समेत उपनिदेशक पर्यटन कार्यालय की छत का पानी ही सीवर में जाता मिला। कई बार चेतावनी के बाद भी जब आरोपियों ने कुछ नहीं किया तो जलसंस्थान ने स्वयं पहुंच कर छत का पानी सीवर लाइन से काट दिया। जांच में वर्ष 2013-14 में सात, 15-16 में 78, 16-17 में छह, 18-19 में 124 समेत कुल 215 छतों का पानी सीवर में गया। बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट ने इन सभी का पानी सीवर लाइन से काटने के निर्देश दिए हैं। ताकि नैनी झील का जलस्तर बढ़ सके। गटर में पानी बहाने वाले सरकारी विभागों की खोज जारी है। छतों के पानी को सीवर लाइन में बहाने वाले आम लोगों की भी तलाश जारी है।
झील सूखती रही और विभाग सीवर में बहाते रहे पानी
जनता समेत पर्यटन, डाक विभाग ने भी गटर में बहाया लाखों लीटर पानी
बारिश का पानी सीवर लाइन के सहारे जाता रहा नगर से बाहर
बीएड प्रशिक्षुओं ने विज्ञान के मॉडलों में दिखाई प्रतिभा
भीमताल/नैनीताल। तल्लीताल स्थित जेएन कॉल शिक्षण संस्थान में बृहस्पतिवार को बीएड प्रशिक्षुओं ने विज्ञान प्रदर्शनी लगाई। इसमें प्रशिक्षुओं ने विज्ञान से जुड़े विभिन्न मॉडलों को प्रदर्शित किया। प्रदर्शनी का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. रंजना रुहेला ने किया। प्राचार्य ने विज्ञान को संसार के लिए वरदान बताया। कार्यक्रम में प्रथम नोबेल पुरस्कार विजेता डॉॅ. सीवी रमन को याद कर ‘साइंस फॉर द पीपल एंड पीपल फॉर द साइंस’ पर प्रस्तुति बीएड प्रशिक्षुओं द्वारा दी गई। इस दौरान प्रवक्ता बीना नेगी, डॉ. वैभव चौहान, ज्योति जोशी, रूबी गुप्ता, गौहार फातिमा, कल्पना जोशी, सोनल शुक्ला, मणि अग्रवाल आदि थे।
क्षतिग्रस्त जालियों से दुर्घटना का खतरा
नैनीताल। नगर स्थित मोहनको चौराहे और इलाहाबाद बैंक के पास नालियों को कवर करने के लिए बिछाई गई लोहे की जालियां लंबे समय से क्षतिग्रस्त हैं। इससे दुर्घटना की आशंका है। पूर्व सभासद आनंद सिंह बिष्ट ने पालिकाध्यक्ष को शिकायती पत्र देकर समस्या के निस्तारण की मांग की है। उन्होंने कहा कि उक्त जगहों पर नालियों को कवर करने के लिए लोहे की जालियां बिछाई गई हैं, जो बहुत ही क्षतिग्रस्त अवस्था में है। इस कारण आए दिन लोग नालियों में गिर जाते हैं। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में कभी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त जालियों को ठीक करवाने की मांग की है।
स्वास्थ्य निरीक्षक गीता पांडे को दी विदाई
नैनीताल। बीडी पांडे महिला अस्पताल की स्वास्थ्य निरीक्षक गीता पांडे की सेवानिवृत्ति पर अस्पताल के कर्मचारियों ने विदाई दी। इस दौरान सीएमएस डॉ. बीके पुनेरा, डॉ. संजीव खर्कवाल, डॉ. मंजू रावत, हरीश लाल आर्य, भावना पंत, कमल जोशी, राकेश कुमार आदि थे।