हल्द्वानी। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) मनीष पांडे की अदालत ने किशोरी के अपहरण और उससे दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए गए चालक को सात साल की कैद और 14 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र सिंह नेगी के अनुसार भवाली क्षेत्र से किशोरी 18 नवंबर 2017 को लापता हो गई थी। दूसरे दिन मां ने भवाली थाने में धारा 363, 366, 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। जांच पड़ताल के बाद उपनिरीक्षक अनिल आर्या ने किशोरी को ऊधमसिंह नगर जिले के धीमरखेड़ा गदरपुर निवासी ट्रक चालक आशीष के घर से 23 नवंबर को बरामद कर लिया। पुलिस ने 24 नवंबर को आशीष को भी गिरफ्तार कर लिया। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक सीमा ने की। विवेचक बदलने पर भुवन आर्या ने अदालत में चार्जशीट दायर की। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आशीष को अपहरण और दुष्कर्म का दोषी माना है। अदालत ने धारा 376 के तहत उसे सात साल की सजा और दस हजार रुपये अर्थदंड, धारा 363 और 366 मेें दो-दो साल की सजा के साथ दो-दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अपहरण-दुष्कर्म में चालक को सात साल की सजा
14 हजार का जुर्माना भी लगाया, अदा न करने पर अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी