हल्द्वानी। कार्बेट पार्क प्रबंधन 318 हेक्टेयर वन भूमि पर प्रशासनिक नियंत्रण लेगा। इसके अलावा रामनगर वन प्रभाग के अभिलेखों में दर्ज कुल क्षेत्रफल से संबंधित वन भूमि को घटाया भी जाएगा। यह निर्णय देहरादून में अपर मुख्य सचिव (वन) की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
रामनगर वन प्रभाग के धुलवा, दुमंडा कक्ष के 318 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि कार्बेट पार्क को 1991 को हस्तांतरित करने का आदेश हुआ था मगर कार्बेट पार्क प्रबंधन ने संबंधित वन भूमि का प्रशासनिक नियंत्रण नहीं लिया था। 2010 में कार्बेट पार्क के बफर जोन में भूमि की अधिसूचना जारी हुई थी। बाद में रामनगर वन प्रभाग डीएफओ नेहा वर्मा ने कार्बेट पार्क प्रबंधन को भूमि का नियंत्रण लेने का अनुरोध किया था। मामला टल रहा था। प्रकरण में हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद शासन से लेकर वन विभाग हरकत में आए हैं।
सूत्रों के अनुसार इसी मामले को लेकर अपर मुख्य सचिव वन डॉ. रणवीर सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें रामनगर वन प्रभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में चली आ रही भूमि को कार्बेट पार्क के प्रशासनिक नियंत्रण में देने पर सहमति बनी है। इसके अलावा रामनगर वन प्रभाग के कुल क्षेत्रफल 48736.90 हेक्टेयर से यह भूमि घटाने का (48418.10 हेक्टेयर) का भी फैसला किया गया है। बैठक में प्रमुख वन संरक्षक मोनिष मल्लिक, मुख्य वन संरक्षक सुरेंद्र मेहरा, कार्बेट पार्क निदेशक राहुल, पश्चिमी वृत्त वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते आदि मौजूद थे।
अब कार्बेट पार्क लेगा 318 हेक्टेयर वन भूमि पर नियंत्रण
अपर मुख्य सचिव वन की अध्यक्षता में हुई बैठक, रामनगर वन प्रभाग के कुल क्षेत्रफल से घटेगी वन भूमि