हल्द्वानी। मलेरिया, चिकनगुनिया और दिमागी बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को एसटीएच में 12 से अधिक मरीजों को भर्ती कराया है। इनके अलावा एसटीएच में चिकनगुनिया पीड़ित एक रोगी को मेडिसिन वार्ड में, जबकि दिमागी बुखार के दो संदिग्ध को पीआईसीयू में भर्ती कराया गया है।
पीआईसीयू में भर्ती मोहिनी की हालत अभी गंभीर बनी है। उसे वेंटीलेटर पर रखा है, जबकि किच्छा निवासी इशरत (07) और मयंक (15) को भर्ती कराया है। दोनों में दिमागी बुखार के लक्षण बताए जा रहे हैं। इनके खून के नमूने जांच को भेजे गए हैं। दोनों पीआईसीयू में भर्ती है। वहीं सोमवार को रामनगर निवासी कुंदन (08) को डिस्चार्ज कर दिया है। दूसरी ओर सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में मलेरिया के दो और डायरिया के सात रोगी भर्ती कराए गए, जबकि बुखार से पीड़ित छह से अधिक बच्चों को भर्ती कराया गया है।
दिमागी बुखार के दो संदिग्ध और चिकनगुनिया का एक मरीज भर्ती
बेस अस्पताल में मलेरिया के दो और डायरिया के सात रोगी भर्ती
एसटीएच में ठीक हुई लीथोट्रिप्सी मशीन
हल्द्वानी। एसटीएच में लंबे समय बाद लीथोट्रिप्सी मशीन ठीक करा दी गई। यह मशीन किडनी में स्टोन को तोड़ने के काम आती है, जिसके टूटा स्टोन पेशाब के साथ बाहर आ जाता है। एक माह पहले ठीक हुई लीथोट्रिप्सी मशीन में महज एक केस किया गया। बताया गया कि ऑपरेशन के बजाए मशीन में खर्च कम आता है।
मांग के बाद भी डेंगू जांच की किट नहीं मिली
हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज के वायरोलॉजी विभाग ने स्वास्थ्य विभाग से एंटीजिन और एलायजा जांच के लिए किट मांगी है, जो अब तक उपलब्ध नहीं हुई। किट खत्म होने के बाद से डेंगू मरीजों की जांच का संकट खड़ा हो जाएगा।
सीएमओ डॉ. भारती राणा ने कहा कि उनकी जानकारी में नहीं है कि स्वास्थ्य विभाग किट उपलब्ध कराता है या नहीं। राज्य सरकार की ओर से किट देने के लिए अगर बजट का प्रावधान है तो किट उपलब्ध कराई जाएगी।