रामपुर में खुर्शीद कन्या इंटर कॉलेज में परीक्षा देती छात्राएं। अमर उजाला
हल्द्वानी। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो रही हैं। पहले दिन उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा के तहत इंटरमीडिएट का हिंदी विषय का प्रश्नपत्र प्रात: दस बजे से होगा जबकि सीबीएसई के बारहवीं के परीक्षार्थी अंग्रेजी विषय की परीक्षा देंगे। सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं प्रात: साढ़े दस बजे से अपराह्न डेढ़ बजे तक होंगी। बोर्ड परीक्षाओं को लेकर परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाएं चाक चौबंद की गई हैं।
सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी सीबीएसई बोर्ड परीक्षा
सीबीएसई के देहरादून रीजन के क्षेत्रीय अधिकारी रनवीर सिंह ने बताया कि दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी। सभी परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों को स्पष्ट रूप से निर्देश हैं कि परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरा होना चाहिए। उन्होंने बताया कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर नकल न होने पाए इसके लिए सचल दल बनाए गए हैं जो कि छापा मारेंगे तथा गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई होगी। क्षेत्रीय अधिकारी ने यह भी कहा कि जांच पड़ताल के उपरांत ही परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया गया है अगर उसमें किसी तरह की शिकायत मिलती है तो पुन: जांच कराई जा सकती है। नैनीताल जिले में कुल 20 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिसमें सर्वाधिक केंद्र हल्द्वानी में हैं। इस बार बारहवीं में 5626 परीक्षार्थी और दसवीं में कुल 6061 विद्यार्थी परीक्षा देंगे।
जिले में 11 सचल दल छापामार कार्रवाई करेंगे
मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता ने बताया कि उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा 114 केंद्रों पर होेगी। इसमें से 41 परीक्षा केंद्र संवेदनशील हैं। इस बार कुल 24,027 परीक्षार्थी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि परीक्षा में किसी भी स्तर पर नकल नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए 11 सचल दल बनाए गए हैं जो कि परीक्षा केंद्रों पर छापामार कार्रवाई करेंगे। उन्होंने बताया कि रविवार को सचल दस्ते में शामिल सदस्यों की बैठक कर उन्हें बोर्ड के दिशा निर्देशों से अवगत कराया गया। सीईओ ने बताया कि बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर करीब 1600 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए गए हैं कि जिस विषय का प्रश्नपत्र होंगे उस दिन उस विषय से संबंधित शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगनी चाहिए तथा एक ही स्कूल के शिक्षक एक साथ एक कक्ष में नहीं रहेंगे। उन्होंने बताया कि जीआईसी नैनीताल और हल्द्वानी में जीजीआईसी को उत्तरपुस्तिका संकलन केंद्र बनाया गया है।