द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। बग्वालीपोखर स्थित डीपीएमआई पैरामेडिकल पोखरम संस्थान में बैठकी होली की महफिल जमी। कुमाऊं भर से पहुंचे होल्यारों ने राग आधारित पारंपरिक होलियों के माध्यम से समा बांध दिया। पिया हम संग खेलो होली आदि गीतों पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे। इससे पूर्व खड़ी और बैठकी होली पर गोष्ठी भी आयोजित की गई। वरिष्ठ पत्रकार चारु तिवारी ने कुमाऊंनी होली के इतिहास पर चर्चा की ।
रंगकर्मी कैलाश चंद्र त्रिपाठी ने राग पील में कहा कि मैं न जाऊं बृज में रंग डारी चुनर, देवकी नंद जोशी ने अरे होरी हो रंग लाल, पूरन पांडे ने राग यमन में पिया हम संग खेलो होली, मोहन चंद्र तिवारी ने होली खेले संग सुजान, दीप जोशी ने बिंध जाओगे नैनन में, संजय जोशी ने राग यमन कल्याण में तोड़ो न प्रीत की नाजुक डोर, संदीप गोरखा ने जि देखूं उत श्याम आदि होली गीतों के माध्यम से देर रात तक महफिल बांधे रखी। कार्यक्रम में रामनगर से कैलाश त्रिपाठी, रानीखेत से संजय जोशी, अल्मोड़ा से निर्मल पंत, स्याल्दे से हिमांशु पांडे, चित्रेश्वर से ललित त्रिपाठी, केसी पांडे, मोहन सिंह बिष्ट आदि ने शानदार होलियों का गायन कर लोगों को झूमने पर विवश कर दिया। संस्थान की ओर से होल्यारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। संस्थान के निदेशक त्रिभुवन सिंह बिष्ट ने होली बैठकी को लेकर तमाम अनुभव साझा किए, कहा कि संस्थान में पिछले तीन सालों से लगातार होली गायन का आयोजन हो रहा है। शिवदत्त पांडे, कैलाश चंद्र त्रिपाठी आदि ने भी विचार रखे।