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उच्चशिक्षा निदेशालय पर कर्मियों का धरना प्रदर्शन

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हल्द्वानी। उच्चशिक्षा निदेशक के निलंबन के विरोध में गुस्साए मिनिस्टीरियल कर्मियों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। गुस्साए कर्मियों ने शनिवार को निदेशालय पहुंची प्रभारी निदेशक समेत किसी अधिकारी को दफ्तर में नहीं घुसने दिया। बाद में उच्चशिक्षा उत्तराखंड राजकीय महाविद्यालय मिनिस्ट्रीयल सर्विसेज एसोसिएशन की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पांच फरवरी से निदेशालय समेत प्रदेश भर के महाविद्यालयों के कर्मचारी बेमियादी हड़ताल करेंगे। कर्मचारियों ने दूसरे विभागों के कर्मचारी संगठनों से भी समर्थन मांगा है।
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शनिवार को उच्चशिक्षा निदेशालय के कर्मचारी दस बजे से ही मुख्य गेट पर धरना देकर बैठ गए थे। प्रभारी उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. सविता मोहन, उपनिदेशक डॉ. केके पांडे, डॉ. ललित प्रभा शर्मा, सहायक निदेशक डॉ. अनुराग अग्रवाल निदेशालय पहुंचे तो कर्मचारियों ने उन्हें दफ्तर में नहीं घुसने दिया। इस पर प्रभारी निदेशक लौट गईं। बाद में अधिकारियों ने कर्मचारी से वार्ता कर उन्हें सूचना आयोग को कोई आवश्यक पत्र भेजने की बात कही तो उपनिदेशक डॉ. केके पांडे समेत दो अधिकारियों को कार्यालय में अंदर जाने दिया लेकिन कर्मचारी कोई नहीं गया। शाम पांच बजे निदेशालय परिसर में उच्चशिक्षा उत्तराखंड राजकीय महाविद्यालय मिनिस्ट्रीयल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रांतीय पदाधिकारियों और स्थानीय इकाई की बैठक हुई। एसोसिएशन के पदाधिकारी कपिल कुमार ने बताया कि निलंबन वापसी की मांग को लेकर पांच फरवरी से बेमियादी हड़ताल करने का निर्णय लिया गया है। निदेशालय के साथ ही प्रदेश के सभी महाविद्यालयों के कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान प्रांतीय संयुक्त मंत्री सुरेंद्र सिंह रौतेला, डीएस बगडवाल, हिमांशु जोशी, गणेश कार्वी, सुरेश, दिनेश जोशी, प्रमोद कुमार, गोविंद कुमार आदि मौजूद रहे।
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