हाल ए नैनीताल : होटल पैक, पार्किंग फुल और सड़कों पर रेंगते वाहन
नैनीताल।
पंद्रह जून के बाद बरसात शुरू होते ही सरोवर नगरी और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटक सीजन मंदा पड़ जाता है लेकिन इस बार इसका एकदम उलट हुआ है। रुक-रुककर हो रही बरसात के बीच यहां पहुंचने वाले सैलानियों की तादाद लगातार बढ़ रही है। सप्ताहांत और ईद के अवकाश के चलते शुक्रवार से यहां लगातार पहुंच रही सैलानियों की भीड़ से जहां नगर के अधिकांश होटल पैक हैं वहीं पार्किंग स्थलों में गाड़ियां खड़ी करने की जगह नहीं बची है।
शनिवार को सुबह से शाम तक लगातार सैलानियों की आमद हुई तो नैनीताल-हल्द्वानी, नैनीताल-भवाली और नैनीताल-कालाढूंगी रोड पर घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही। नगर की अपर और लोअर माल रोड पर दिन भर वाहन रेंगते नजर आए। नतीजा यह रहा कि पर्यटक सीजन के लिए बनाया गया पुलिस का ट्रैफिक प्लान पूरी तरह से ध्वस्त हो गया और जाम खुलवाने के लिए पुलिस को घंटों तक पसीना बहाना पड़ा।
भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शनिवार को केव गार्डन में 2200, चिड़ियाघर में 3311 और रोपवे में 1100 सैलानी पहुंचे। ऐसे में सुबह से लेकर शाम तक सड़कों पर छोटे-बड़े वाहन रेंगते दिखे। नगर को आने वाली तीन प्रमुख सड़कों के अलावा बिड़ला रोड, तल्लीताल दर्शन घर, फांसी गधेरे में भी वाहनों की लंबी कतार रही। तल्लीताल से मल्लीताल तक जहां आमतौर पर दस मिनट लगते हैं वहीं शनिवार को यह दूरी तय करने में आधा से पौन घंटा तक लग रहा था।
नैनीताल में सैलानियों की भारी भीड़ के चलते छोटे बड़े सभी होटल पैक हैं। नैनीताल में कमरे न मिलने के कारण सैलानी यहां से भीमताल, भवाली, रामगढ़, मुक्तेश्वर आदि क्षेत्रों में कमरों की तलाश में लौट रहे हैं लेकिन इन छोटे पिकनिक स्पाटों में भी एक अदद कमरा तलाशना सैलानियों के लिए भारी पड़ रहा है। नैनीताल में डीएसए मैदान और सूखाताल स्थित पार्किंग के अलावा शहर के विभिन्न स्थानों पर बनाए गए अस्थाई पार्किंग स्थल भी खचाखच भरे हैं।
पैराग्लाइडिंग बना सैलानियों की पहली पसंद
पांडेगांव की पहाड़ियों से होने वाली पैराग्लाडिंग यहां पहुंचने वाले सैलानियों की पहली पसंद है। नौकायन और घुड़सवारी को छोड़ अधिकांश सैलानी यहां पांडेगांव की ओर कूच कर पैराग्लाइडिंग के माध्यम से हवा में उड़ते नजर आ रहे हैं। बता दें कि पांडेगांव की पहाड़ी में वर्तमान में आधा दर्जन से अधिक पैराग्लाइडिंग की साइटें संचालित हैं। इन साइटों के माध्यम से सौ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पर्यटक सीजन में रोजगार मिल रहा है।