सार्वजनिक रास्ता बंद करने की जांच शुरू, दो पक्षों में तनातनी
हल्द्वानी।
भोटिया पड़ाव में पूर्व विधायक नारायण पाल और नानक स्वीट्स के संचालक दिलीप गुप्ता के बीच चल रहे रास्ते के विवाद की जांच के लिए शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में पुलिस प्रशासन की टीम पहुंची। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तनातनी हो गई। इस पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इधर, नानक स्वीट्स के संचालक की ओर से बहुमंजिली इमारत में अवैध रूप से दो मंजिल निर्माण करने के मामले में प्रशासन ने 30 जून तक जवाब मांगा है।
नानक स्वीट्स के संचालक दिलीप गुप्ता ने पिछले शनिवार डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी से लिखित शिकायत की थी कि पूर्व विधायक नारायण पाल ने सार्वजनिक रास्ते पर अपना गेट लगाकर उनका रास्ता बंद कर दिया है। शनिवार दोपहर सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय और सीओ दिनेश ढोढियाल नगर निगम की टीम को लेकर विवादित स्थल पर पहुंचे।
इस बीच दोनों पक्षों के लोग भी वहां एकत्र हो गए। सिटी मजिस्ट्रेट के पूछने पर दिलीप गुप्ता अपना पक्ष उनके सामने रख रहे थे तभी पूर्व विधायक पक्ष के सुल्तान ने उनके तर्क को गलत ठहराते हुए आपत्ति कर दी जिस पर दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। इस पर सीओ ढोढियाल ने दोनों पक्षों को चेतावनी देकर शांत किया। सिटी मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों को वार्ता के लिए शाम पांच बजे अपने कार्यालय बुलाया। निर्धारित समय पर दिलीप गुप्ता अपने अभिलेख लेकर आए जबकि पूर्व विधायक नारायण पाल के पक्ष से कोई नहीं पहुंचा।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि एक पक्ष के भूमि संबंधी दस्तावेज देखने के आधार पर रास्ता सार्वजनिक प्रतीत हो रहा है लेकिन अभी दूसरे पक्ष को अपना पक्ष दो दिन में रखने का मौका दिया गया है इसके बाद जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मौके पर नगर निगम की टीम ने रास्ते की जमीन को नजूल भूमि बताया, यह फ्रीहोल्ड नहीं है। उन्होंने बताया कि नानक स्वीट्स के संचालक ने तीन मंजिल भवन निर्माण का मानचित्र स्वीकृत कराया था मगर अवैध रूप से दो मंजिल का और निर्माण करा दिया गया। इस मामले में भवन स्वामी को पूर्व में नोटिस जारी किया जा चुका है तथा 30 जून तक जवाब देने को कहा गया है।