...तो एक और छात्र आंदोलन की तैयारी
सेमेस्टर परीक्षा के बाद अब नये सत्र से एक और छात्र आंदोलन भड़कने की आशंका बन गई है। इसकी वजह होगी कुमाऊं विश्वविद्यालय की ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया। विश्वविद्यालय ने इस बार नये सत्र से स्नातक प्रथम सेमेस्टर में छात्र-छात्राओं के प्रवेश ऑनलाइन करने की घोषणा की है। कुमाऊं विवि की ओर से जो मेरिट जारी होगी, उन्हीं को डिग्री कॉलेज में प्रवेश मिलेगा।
इस प्रक्रिया से एमबीपीजी कॉलेज समेत कई बड़े महाविद्यालयों में बीए, बीएससी, बीकॉम प्र्रथम सेमेस्टर में सीटें बहुत कम हो जाएंगी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं मिल सकेगा। इधर, ऑनलाइन प्रवेश के बारे में महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय की ओर से कोई जानकारी तक नहीं भेजी गई है।
कुमाऊं विश्वविद्यालय ने इस बार बीए, बीएससी, बीकॉम प्रथम सेमेस्टर में ऑनलाइन प्रवेश करने की तैयारी की है। विश्वविद्यालय की यह भी घोषणा है कि स्नातक प्रथम सेमेस्टर में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया 15 जून से शुरू होकर 10 जुलाई तक चलेगी। इंटर पास कर महाविद्यालयों में स्नातक में प्रवेश पाने वाले छात्र-छात्राओं को कॉलेजों से प्रवेश आवेदन फार्म नहीं मिलेगी बल्कि उन्हें प्रवेश के लिए आवेदन करने को किसी साइबर कैफे या किसी भी तरह ऑनलाइन प्रवेश आवेदन फार्म भरना होगा।
इसके बाद विश्वविद्यालय आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की मेरिट तैयार कर लिस्ट महाविद्यालयों को भेजेगा। मेरिट लिस्ट के आधार पर ही निर्धारित सीटों पर विद्यार्थियों को महाविद्यालयों में प्रवेश देकर उनसे शुल्क जमा कराया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इस ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के चलते महाविद्यालयों में बीए, बीएससी, बीकॉम में जितनी सीटें कुमाऊं विश्वविद्यालय से निर्धारित हैं उन्हीं पर केवल प्रवेश हो पाएंगे जबकि स्थिति इसके विपरीत है।
एमबीपीजी कॉलेज हो या फिर दूसरे बड़े महाविद्यालयों में मानक से कई गुना अधिक विद्यार्थियों के प्रवेश स्नातक प्रथम वर्ष में होते रहे हैं। कई महाविद्यालयों के प्राचार्य इसी बात से चिंतित हैं कि स्नातक प्रथम सेमेस्टर में निर्धारित सीटों की मेरिट लिस्ट पर प्रवेश होने से बड़ी संख्या में तमाम विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं मिले सकेगा तो छात्र आंदोलन भड़क सकता है, इससे वे कैसे निपटेंगे।
उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. बीसी मेलकानी ने बताया कि ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया को लेकर कुमाऊं विवि की ओर से पिछले दिनों निदेशालय में कुमाऊं भर के प्राचार्यों की वर्कशॉप अवश्य हुई थी, उसके बाद विश्वविद्यालय की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई। वहीं, महाविद्यालयों में भी इस संबंध में कुमाऊं विवि ने कोई निर्देश नहीं भेजे हैं।
निर्धारित सीटों पर ही होंगे प्रवेश
ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की बात कुमाऊं विश्वविद्यालय ने कही है। निर्धारित सीटों पर जितने प्रवेश होने हैं उनकी मेरिट लिस्ट भी विश्वविद्यालय ही भेजेगा। ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के बाद किसी भी कक्षा में निर्धारित सीटों से अधिक एक भी प्रवेश नहीं हो सकेगा। - डॉ. जगदीश प्रसाद, प्राचार्य एमबीपीजी कॉलेज।