दोगांव के ढाबों से चालक-परिचालकों का ‘अनुबंध’
हल्द्वानी।
पर्यटन सीजन मेें नैनीताल रूट पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ही रोडवेज के चालक-परिचालक की भी बल्ले-बल्ले हो गई है। रोडवेज प्रबंधन के निर्देश विरुद्ध चालक-परिचालकों ने कमीशन के खेल में दोगांव के ढाबों पर दोबारा से सुबह के समय बसें रोकनी शुरू कर दी हैं।
दोगांव के ढाबों पर चालकों के सुबह से ही बसें रोकने से कर्मचारियों के ड्यूटी के लिए देर होने की शिकायत पर प्रबंधन ने इस पर रोक लगा दी थी। करीब एक माह पहले नैनीताल में ड्यूटी करने वाले हल्द्वानी निवासी कर्मचारियों की शिकायत पर प्रबंधन ने चालक-परिचालकों को दो गांवों के ढाबों पर बसें न रुकने का निर्देश दिया था।
लेकिन पर्यटन सीजन आते ही चालक-परिचालकों ने मिलीभगत कर दोबारा दोगांव के ढाबों पर बसें रोकनी शुरू कर दी हैं। जबकि इन ढाबों पर यात्रियों को हल्द्वानी के मुकाबले जलपान दोगुना महंगा पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, कमीशन खेल के चालक-परिचालक सुबह से ही इन ढाबों पर बसें रोक रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि पर्यटन सीजन में यात्रियों के रूप में अधिक ग्राहक मिलने पर ढाबा मालिक भी उनकी खूब सेवाएं कर रहे हैं।
ढाबों का रोडवेज से अनुबंध न होने के बावजूद उन्हें मुफ्त का भोजन और कुछ राशि भी मिल रही है। जबकि महंगे भोजन से यात्रियों की जेबे ढीली हो रही हैं। हल्द्वानी से दोगांव मात्र 12 किमी दूरी पर है। ऐसे में सुबह-सुबह इतना नजदीक बसें रोकना चालक-परिचालकों को संदेह के घेरे में लाने को काफी है।
‘दोगांव के ढाबों में कर्मचारियों की ड्यूटी के मद्देनजर सुबह सात से नौ बजे और शाम चार से सात बजे तक बसें न रोकने का मुख्यालय से निर्देश है। इससे नैनीताल में ड्यूटी करने वाले कर्मचारी देरी से पहुंचते हैं। यदि कोई यात्री शिकायत करता है तो चालक के खिलाफ कार्रवाई होगी।’
- कुशीराम, आरएम, नैनीताल परिक्षेत्र।