हल्द्वानी। गौला नदी के किनारे जवाहर नगर बस्ती में बुधवार की सुबह साढ़े सात बजे दस झोपड़ियों में आग लग गई। आग में फंसे तीन बच्चों को किसी तरह बचाया गया। जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचती आग भड़क चुकी थी। अग्निकांड में बिस्तर, खाने का सामान, टीवी, रिक्शा आदि अन्य सामान जल गया।
जिस समय आग लगी उस वक्त कई लोग काम पर गए थे। रास्ता खराब होने के कारण अग्निशमन की गाड़ी को पहुंचने में काफी देर हुई। आग से राजन प्रसाद कुशवाहा का रिक्शा, 20 हजार रुपये, टीवी, अनाज और बिस्तर जलकर नष्ट हो गए। महेंद्र, गुलाब आलम, अजय, ठाकुर, मूसा, बबलू, राजेश, राजकुमार और हरदेव का सारा सामान जल गया। गुलाब आलम का कहना था कि वह बांस बल्ली का काम करता था। एक भी बल्ली आग से नहीं बच सकी। राजन का कहना था कि उसने तीन साल और चार महीने के दो बच्चों को आग से बचाया। अजय की पत्नी ने चार माह के बच्चे को लेकर बाहर निकलने में सफल रही।
संजू की झोपड़ी में तीन लोग पी रहे थे स्मैक
राजन ने बताया कि घटना के समय संजू की झोपड़ी में तीन लोग स्मैक पी रहे थे। संजू की पत्नी गर्भवती है और वह मायके गई है। संजू भी वहीं गया है। बताया जा रहा है कि उसकी खाली झोपड़ी में स्मैक पीने के लिए तीन लोग चले गए। आशंका है कि नशेड़ियों के चलते बस्ती में आग लगी है।
पार्षद ने कहा, जल गया तो क्या करूं
राजन और अन्य लोगों ने बताया कि उनके पास रखने के लिए झोपड़ी, सोने के लिए बिस्तर और खाने के लिए सामान भी नहीं है। वे पार्षद शाकिर के पास गए थे। लोगों का कहना था कि उन्होंने पार्षद को घटना के बारे में जानकारी दी। इस पर पार्षद का कहना था कि आग लग गई तो हम क्या करें।
कोई मदद के लिए आगे नहीं आया
बस्ती के लोगों का कहना था कि उनके पास खाने के लिए कुछ नहीं है। इस मामले में उन्होंने कई लोगों से गुहार लगाई लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया है।
बच्चों की किताबें भी जल गईं
जवाहर नगर बस्ती में लगी आग से बच्चों की किताबें भी आग में जल गईं, हालांकि कोरोना के चलते अभी स्कूल बंद हैं लेकिन बच्चों के लिए खरीदी गई किताबें भी आग के भेंट चढ़ गईं।
एसी में लगी आग
हल्द्वानी। सिंधी चौराहे के समीप एक मकान के एयर कंडीशनर में बुधवार की सुबह आग लग गई। घटना की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची लेकिन परिजनों ने आग को बुझा लिया था। आग लगने की सूचना हीरा शाह की तरफ से दी गई थी।