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हथिनी के एक इशारे पर तेंदुआ हुआ ढ़ेर

Wed, 11 Sep 2013 06:53 PM IST
अमर उजाला, रामनगर
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सात माह से अपनी दहशत फैलाने वाले सात साल के ‘आतंकी’ तेंदुए का मंगलवार को ‘एनकाउंटर’ कर दिया गया।
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पेड़ पर बैठकर फुर्सत के पल बिता रहे हिंसक तेंदुए पर शिकारी हरीश सिंह धामी की बंदूक से निकली गोली का निशाना इतना अचूक था कि दो छर्रे शरीर के आरपार निकल गए। जबकि चार छर्रों ने दिल और फेफड़े को फाड़ा तो एक छर्रे से उसके पैर की हड्डी टूट गई।

कई गांवों में था खौफ
‘आपरेशन एनकाउंटर’ पूरा होने के बाद वन विभाग ने पोस्टमार्टम कर शव जला दिया। तेंदुए के आतंक की कहानी सेमलखलिया, सांवल्दे, देवीपुर बासीटीला जैसे गांवों से जुड़ी है।
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इंसानों पर हमला होने और भड़के जनविरोध के बाद ही जंगलात ने तेंदुए को मारने की योजना बनाई। हालांकि मरे तेंदुए के आदमखोर होने की बात पुष्ट नहीं हुई है।

पिंजरे में नहीं हुआ कैद
मंगलवार सुबह ढेला के रेंजर महेश बिष्ट के नेतृत्व में गश्ती दल ने शिकारियों के साथ सबसे पहले सेमलखलिया में लगा पिंजरा चेक किया।

जब वहां कुछ नहीं मिला तो दल ने दूसरे पिंजरे की ओर रुख किया। कार्बेट टाइगर रिजर्व के बिजरानी रेंज के अंतर्गत सावंल्दे ब्लाक के कंपाउंड नंबर पांच में सुबह साढ़े छह बजे दूसरा पिंजरा भी टीम को खाली मिला।
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हथिनी ने दिया संकेत
जैसे ही टीम वापस लौटने लगी तो हथिनी के संकेत मिलने पर पेड़ में बैठा तेंदुआ शिकारी हरीश सिंह धामी की नजर में आ गया। बिना देर किए 12 बोर की बंदूक से हरीश ने फायर किया तो आतंक के पर्याय का वहीं अंत हो गया।

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तेंदुए का शव पिंजरे में डालकर उसे कार्बेट टाइगर रिजर्व के झिरना जोन स्थित खारा गेट लाया गया। पशु चिकित्सक भरत सिंह और वीपी सिंह पोस्टमार्टम किया।

सीटीआर के कार्यवाहक उपनिदेशक अमित वर्मा ने बताया कि तेंदुए की उम्र करीब सात साल, लंबाई 220 सेंटीमीटर और ऊंचाई 70 सेंटीमीटर है।
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