आपदा के दंश से बचे उत्तराखंड के गैरसैंण तहसील क्षेत्र पर भी अब खतरा मंडरा रहा है।
जिनगोड़ ग्राम पंचायत के सनेड़ा तोक में एक बड़े क्षेत्र में हो रहे भारी भूस्खलन से रामगंगा में करीब दो सौ मीटर क्षेत्र में झील बन गई है, जिससे क्षेत्र के लोग भयभीत हैं।
भूस्खलन के चलते हुई समस्या
सनेड़ा तोक में तीन दिन से भूस्खलन के चलते यह समस्या पैदा हुई है। प्रशासन ने यहां रह रहे दो परिवारों को दो दिन पूर्व अन्यत्र शिफ्ट कर दिया था। लगातार हो रहे भूस्खलन और पेड़ों के उखड़ने से रामगंगा में झील बनने से पूरे क्षेत्र के लिए नया खतरा पैदा हो गया है। नदी में पानी का तेज प्रवाह खेतों को तोड़कर आगे बढ़ रहा है।
दूधातोली पर्वत श्रृंखलाओं से निकलने वाली रामगंगा गैरसैंण तहसील क्षेत्र सहित कुमाऊं के कई इलाकों के लिए जीवनदायिनी है। झील में इसी प्रकार पानी बढ़ता रहा तो नदी के किनारे बसे मेहलचौरी, आगरचट्टी, मालकोट, माईथान, लामबगड़ और कुमाऊं के कई क्षेत्रों सहित कालागढ़ बांध तक को आने वाले दिनों में खतरा पैदा हो सकता है।
रामगंगा में साल भर पर्याप्त पानी होता है। इस बरसात में नदी उफान पर है। उप जिलाधिकारी केएस नेगी ने बताया कि रामगंगा में झील बनने की सूचना मिलने पर प्रभावित क्षेत्र के भूगर्भीय सर्वेक्षण के लिए टीम को बुलाई गई है।
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