कोटद्वार। गिवईंस्रोत बिजलीघर में रामपुर फीडर की मरम्मत में जुटे एक श्रमिक की उच्च क्षमता का करंट लगने से मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। घटना से मजदूर के परिवार में कोहराम मच गया।
कोटद्वार से सटी उत्तर प्रदेश सीमा पर जनपद बिजनौर की नजीबाबाद तहसील के गांव सभाचंदपुर भरैकी निवासी विकास (37) पुत्र ब्रजेश कुछ महीने पहले ही आजीविका कमाने कोटद्वार आया था। वह ऊर्जा निगम में ठेकेदार हितेंद्र रावत के लिए काम करने लगा था। 33/11 केवी क्षमता के गिवईंस्रोत बिजलीघर से तीन फीडर ग्रास्टनगंज, गाड़ीघाट और रामपुर फीडर निकलते हैं। इनमें रामपुर फीडर में मंगलवार रात फाल्ट होने से केबल फुंक गया था। जिससे रामपुर की बिजली पूरी रात गुल रही।
बुधवार सुबह रामपुर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ग्रास्टनगंज फीडर से शुरू करने के बाद रामपुर फीडर की मरम्मत का काम किया जाना था। विकास व अन्य श्रमिक गिवईंस्रोत बिजलीघर पहुंचे थे। ऊर्जा निगम के उपखंड अधिकारी (नगर) कमल सिंह ने बताया कि विकास ने स्वयं रामपुर और गाड़ीघाट फीडर से बिजली आपूर्ति बंद कराई थी, लेकिन ग्रास्टनगंज फीडर को बंद कराना भूल गया। अभी वह लाइन पर चढ़ ही रहा था कि 11 हजार वोल्ट क्षमता की ग्रास्टनगंज फीडर की लाइन से करंट लगने के बाद वह ऊंचाई से नीचे गिरा और उसकी मौत हो गई। ठेकेदार और साथी श्रमिक उसे बेस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर जेई स्वपनिल जोशी भी पहुंच गए।
मृतक के भाई विवेक ने बताया कि वह भी कोटद्वार के सिमलचौड़ क्षेत्र में बिजली की लाइनों पर ही काम करता है। विकास अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को बिलखता छोड़ गया। एसडीओ ने बताया कि पीड़ित परिवार की आर्थिक एवं हरसंभव मदद के प्रयास किए जा रहे हैं।