एएनएम की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रहने से स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से बाहर हो गई हैं। गढ़वाल के दूरस्थ इलाकों में एएनएम सेंटरों पर ताले लटके हुए हैं। हड़ताल गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं पर भारी पड़ रही है। टीकाकरण का काम पूरी तरह ठप पड़ा है।
कोटद्वार के राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में जन्मे बच्चों को हेपेटाइटिस टीका नहीं लगने से शनिवार को महिलाओं का गुस्सा भड़क उठा। आक्रोशित महिलाओं और बच्चों के परिजनों ने बच्चों के टीकाकरण की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में ही बच्चों के साथ धरना दिया।
उधर, उत्तराखंड मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर दुगड्डा ब्लाक इकाई ने अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार किया। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में राजकीय संयुक्त चिकित्सालय परिसर में प्रदर्शन किया।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद कोटद्वार इकाई ने एएनएम की हड़ताल का समर्थन किया। परिषद के अध्यक्ष पुष्कर सिंह गुसाईं ने सरकार से एएनएम की मांग पूरी करने की मांग की है। उन्होंने ऐसा नहीं होने पर एएनएम की मांगों के समर्थन में हड़ताल करने की चेतावनी दी है।
शनिवार को संघ की दुगड्डा ब्लाक अध्यक्ष मुन्नी गुसाईं के नेतृत्व में एएनएम और एलएचबी कर्मचारी राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में एकत्र हुए और उन्होंने ब्लाक के सभी 26 एएनएम सेंटरों को बंद कर कार्य बहिष्कार किया।
ब्लाक अध्यक्ष मुन्नी गुसाईं ने कहा कि उनकी वेतन विसंगति और पदनाम परिवर्तन सहित छह सूत्री मांगें वर्षों से शासन स्तर पर लंबित हैं। कई बार सरकार से वार्ता करने के बाद भी एएनएम की वाजिब मांगें पूरी नहीं हो रही है, जिसके कारण प्रदेश की एएनएम में असंतोष व्याप्त है।
इस अवसर पर संघ उपाध्यक्ष शशि भट्ट, लक्ष्मी कसवा, प्रेमलता भंडारी, सुधा गुसाईं, सरस्वती रावत, कंचन लता, सरोज देवी, सुमन रावत, नंदा उनियाल, विशेश्वरी नेगी, सुशीला रावत, माया असवाल व लीला चौधरी आदि मौजूद थे।