कोटद्वार। महिला सामाजिक संस्था, मवाकोट से जुड़ी महिलाओं और लोगों ने शुक्रवार को कोतवाली का घेराव किया। इस मौके पर महिलाओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब तस्कर अब पुलिस के साथ मिलकर शराब के विरोध में आंदोलनरत महिला सामाजिक संस्था की अध्यक्ष शांति थापा के परिजनों को फंसाने का षड्यंत्र कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने मामले की जांच कराकर अवैध शराब के तस्करों और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
शुक्रवार को भाबर क्षेत्र के अंतर्गत मवाकोट और नंदपुर की महिलाएं तहसील पहुंची। यहां से नारेबाजी करती हुई महिलाएं थाने पहुंचीं। यहां उन्होंने कोतवाली का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने यहां प्रभारी कोतवाल प्रदीप नेगी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि उनकी संस्था गत कई वर्षों से अवैध शराब की बिक्री, शादी, पार्टियों में शराब परोसने वालों के खिलाफ अभियान चला रही है। कहा कि बृहस्पतिवार शाम को संस्था की सभी महिलाओं ने मवाकोट में अवैध शराब की बिक्री कर रहे लोगों का विरोध किया था। आरोप लगाया कि शराब तस्करों ने रात 10 बजे संस्था की अध्यक्ष शांति थापा के निर्माणाधीन भवन के गेट पर पहले तीन पेटी अवैध शराब रखी और फिर पुलिस को मौके पर भेज दिया। उन्होंने शराब बरामद करने पहुंचे पुलिस कर्मियों की कार्यशैली पर आरोप लगाया। ज्ञापन प्रेषित करने वालों में पार्षद सौरव नौडियाल, गायत्री भट्ट, दीपक लखेड़ा, संस्था की अध्यक्ष शांति थापा, जमुना देवी, मंजू जखमोला, सुनीता देवी, पुष्पा थापा, राजेंद्र खैरवाल, जितेंद्र डोबरियाल, झबरी देवी, सदेई देवी, कौशल्या देवी, शशि देवी, सरिता नेगी, मीना देवी, माधुरी तिवारी, नंदी देवी, भागीरथी देवी, कविता देवी, कुसुम खंतवाल, दीपक थापा, शिवम व विनोद नेगी आदि शामिल रहे।
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धमकाने पर तहरीर दी
कोटद्वार। महिला सामाजिक संस्था, मवाकोट ने शराब तस्कर और माफिया पर आरोप लगाया कि उन्हें अवैध शराब के खिलाफ अपना मुंह बंद करने की धमकी दी जा रही है। कहा कि महिलाओं को जान से मारने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। महिलाओं की ओर से इस मामले में कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई है।
महिला सामाजिक संस्था, मवाकोट की अध्यक्ष शांति थापा ने कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में कहा कि 26 सितंबर को उनके नेतृत्व में संस्था से जुड़ी महिलाओं ने मवाकोट चौराहे में अवैध शराब की बिक्री के विरोध में प्रदर्शन किया। रात को दस बजे शराब माफिया ने उनके धंधे में टांग न अड़ाने को चेताया। कहा कि शराब के धंधे में संलिप्त कई स्थानीय लोग आंदोलन से जुड़ी महिलाओं को डराने धमकाने उनके घर तक पहुंचने लगे हैं। महिलाओं ने पुलिस को बताया कि शराब माफिया उनके बेटों और परिजनों को फंसाने की धमकी देने लगे हैं। उन्होंने क्षेत्र में तैनात पुलिस कर्मियों की भूमिका की भी जांच की मांग की। संस्था की अध्यक्ष शांति थापा ने बताया कि पुलिस प्रशासन की अनदेखी के चलते क्षेत्र में शराब माफिया के हौसले बुलंद हो गए हैं।