ग्राम पंचायत सीला बैठक में ग्रामीणों ने सरकारी महकमों पर उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने वर्ष 2014 की आपदा के समय बहे सीला पुल के नहीं बनने पर रोष जताया। साथ ही धारकोट-सीला मोटर मार्ग के डामरीकरण, सीला-फेड़वा मोटर मार्ग और ठागर-गाजसेरा मोटर मार्ग के नहीं बनने पर भी विभागों को जमकर कोसा।
ग्रामीणों ने कहा कि छह जनवरी 2015 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत के कांडी आगमन के समय सीला पुल और उक्त मोटर मार्ग को समय पर पूरा करने की घोषणा की गयी थी, लेकिन अभी तक धरातल स्तर पर कोई कार्य नहीं हो पाया है जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान सीला आशीष रतूड़ी ने कहा कि दो माह के बाद बरसात के शुरू हो जाने पर बच्चों को विद्यालय में जाने के लिये परेशानी का सामना करना पड़ता है जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। वन विभाग और जिलाधिकारी को सीला पुल के जल्दी बनाने के लिये कहा गया था, लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्य नहीं हो पाया है।
बैठक में पंचूर पेयजल योजना के पुनर्निर्माण और ग्रामपंचायत के अंतर्गत आने वाले सिंचाई नहरों को जल्दी से बनाने के लिये भी प्रस्ताव रखा गया। इस अवसर पर पंचायत मंत्री अजय बिजल्वाण, पूर्व ग्राम प्रधान बसंती देवी, सत्य प्रसाद बड़ोला, दिनेश बडोला, संतोष बड़ोला, मानेंद्र बिष्ट, पुष्कर सिंह और आनंद सिंह बिष्ट आदि भी उपस्थित थे।