भाबर की खेती किसानी पर बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि के बाद कीड़े का प्रकोप बन गया है, इससे किसानों के चेहरों पर निराशा छाने लगी है। काश्तकारों ने कृषि विभाग से पूरे इलाके में कीटनाशक का छिड़काव करने की मांग की है।
एक माह से रुक-रुककर हो रही बारिश और ओलावृष्टि से पहले से ही कोटद्वार भाबर के काश्तकार परेेशान हैं। अब रही सही कसर गेहूं की फसल पर लगी बीमारी और कीड़े ने पूरी कर दी है। मगनपुर निवासी काश्तकार जगदीश बहुखंडी व ज्ञान सिंह नेगी का कहना है कि उनके गांव में कई बीघा गेहूं की अगेती फसल बीमारी और कीड़े की चपेट में आ गई है, जिससे काश्तकार परेशान हैं। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की ओर से दी गई दवाई भी फसल को कीटों से नहीं बचा पा रही है। पौड़ी के मुख्य कृषि अधिकारी डीएस राणा ने बताया कि काश्तकारों ने यदि कुछ समय पहले सुझाए गए कीटनाशक का छिड़काव किया होता तो कीड़े के प्रकोप से बचा जा सकता था। उन्होंने क्षेत्रीय सहायक कृषि अधिकारियों की सलाह पर छिड़काव की सलाह दी है।