कोटद्वार। रेलवे स्टेशन के बाहर बनीं खोखानुमा दुकानों को हटाने के विरोध में जारी धरना प्रदर्शन में शनिवार (आज) से कारोबारी परिवारों की महिलाएं भी शामिल होंगी। वहीं, शुक्रवार को धरने पर बैठे कारोबारियों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रवीण भाटिया, महामंत्री नवीन गोयल के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन धरने के तीसरे दिन बड़ी संख्या में कारोबारी दुकानें बंद कर बैठे। प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन पर कारोबारियों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। अध्यक्ष प्रवीण भाटिया ने कहा कि जिन कारोबारियों को अतिक्रमण के नाम पर हटाया जा रहा है, उनके पूर्वज करीब आठ दशक पहले बंटवारे के समय यहां आकर बसे थे। मुश्किलों के दौर में उन्होंने परिवार को संभाला और सींचा है।
महामंत्री नवीन गोयल ने कहा कि शनिवार से धरना प्रदर्शन में कारोबारी परिवारों की महिलाएं भी शामिल होंगी। प्रशासन ने दुकानों को हटाने को लेकर अपना फैसला नहीं बदला, तो आंदोलन को और भी तेज किया जाएगा। जल्दी ही बाजार बंद का ऐलान होगा। वहीं, रेलवे स्टेशन के बाहर खोखानुमा दुकानों में परिवार के लिए रोजी-रोटी कमाने वाले दुकानदारों का कहना था कि रेलवे को पुराने रास्ते पर ही गेट बनाकर उसके आड़े आने वाली दुकानों को ही विस्थापित करना था। सभी दुकानों को हटाने की बात न्यायोचित नहीं है।
धरना प्रदर्शन में सुबोध कर्णवाल, कुंज अग्रवाल, रामप्रकाश शर्मा, राजेश त्रिपाठी, सुनील भाटिया, अजय सिंघानिया, सरदार महेंद्र सिंह, नितिन भाटिया, सतीश कुमार सहित कई कारोबारी शामिल रहे। इस दौरान दुकानें बंद रहने से रेलवे रोड पर सन्नाटा पसरा रहा।