कोटद्वार। हिमालय क्रांति पार्टी और चकबंदी मंच उत्तराखंड की ओर से पोखड़ा ब्लॉक सभागार में आयोजित स्वैच्छिक चकबंदी कार्यशाला में ग्राम प्रधानों स्वैच्छिक चकबंदी के फार्म भरवाए गए। बताया कि चकबंदी से खेती को बढ़ावा मिलेगा और गांवों से पलायन रुकेगा।
चकबंदी मंच उत्तराखंड के अध्यक्ष केवलानंद तिवारी ने कहा कि रानीखेत क्षेत्र के कई गांवों को चकबंदी के लिए तैयार किया गया था। शासन की ओर से उत्तराखंड सरकार के मंत्रियों के गांवों को भी चकबंदी के लिए चिह्नित किया गया, लेकिन वहां अब तक चकबंदी नहीं हो पाई है।
संचालन कर रहे अर्जुन सिंह रावत ने कहा कि उन्होंने काली हल्दी और हल्दी की खेती के माध्यम से कई बंजर खेतों को आबाद किया और ग्रामीणों को खेती के लिए प्रेरित किया। दिनेश रावत ने तहसील स्तर पर चकबंदी संबंधित समस्याएं आड़े आने पर मदद का आश्वासन दिया।
चकबंदी मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि चकबंदी के माध्यम से गांवों से पलायन रोकने में मदद मिल सकती है। पोखड़ा के ब्लॉक प्रमुख संजय गुसाईं, जिला पंचायत सदस्य बलवंत नेगी, शंकर दत्त सती, प्रेम बहुखंडी, श्रवण कुमार रावत आदि मौजूद रहे।