मलेथा के ग्रामीणों का प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन और पुलिस में लिखित शिकायत देने के बाद अब प्रधान ने भी स्टोन क्रशर आंदोलन की अगुवाई कर रहे दो आंदोलनकारियों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
बता दें कि मलेथा और इससे सटे चौपड़िया गांव में स्वीकृत पांच स्टोन क्रशरों के विरोध में लगभग 11 माह आंदोलन चला था। आंदोलन के फलस्वरूप शासन ने कीर्तिनगर ब्लाक के सारे क्रशर निरस्त कर दिए थे। आंदोलन के दौरान ग्राम प्रधान प्रधान शूरवीर बिष्ट ने आंदोलन में पूरी भागीदारी की, लेकिन अचानक उनकी ओर से कोर्ट में सहमति पत्र और सीएम को तीन क्रशरों के संचालन के लिए प्रार्थना पत्र भेजने के बाद ग्रामीण और प्रधान एक-दूसरे के विपक्ष में आ गए।
शुक्रवार को ग्रामीणों ने प्रधान सहित स्टोन क्रशर संचालकों के खिलाफ नामजद तहरीर कोतवाली में दी, जिसमें उन्होंने आंदोलन की अगुवाई करने वाले समीर रतूड़ी की सुरक्षा की मांग की थी। शनिवार को ग्रामीणों ने प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने और झूठा सहमति देने पर कार्रवाई की मांग के लिए ग्रामीणों ने कीर्तिनगर में प्रदर्शन किया। वहीं, रविवार को प्रधान बिष्ट ने कोतवाली में प्रार्थना पत्र देते हुए समीर रतूड़ी व उनके पिता जगंदबा रतूड़ी पर महिलाओं को भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दोनों लोग न तो उनकी ग्राम पंचायत के निवासी और न ही उनके जिले के। दोनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।