सरकारी महकमों की लापरवाही जयहरीखाल ब्लाक के ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। लोनिवि और वन विभाग की लेट लतीफी के कारण ब्लाक के ग्रामीण मैंदोली-बौंठा-डेरियाखाल मोटर मार्ग का पिछले दस वर्षों से इंतजार कर रहे हैं। सड़क नहीं होने से उन्हें कई किमी चढ़ाई चढ़कर मुख्य मार्ग तक पहुंचना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की मांग पर वर्ष 2006 में मैंदोली-बौंठा-डेरियाखाल तक चार किमी मोटर मार्ग की सरकार ने स्वीकृति कर 140 लाख रुपये की मंजूरी दी थी। इसके लिए वर्ष 2011 में लोनिवि को पहली किश्त के रूप में 50 लाख रुपये की राशि अवमुक्त की गई थी।
मैंदोली से बौंठा तक मार्ग में किसी प्रकार का वन विभाग का अवरोध नहीं है। बौंठा से डेरियाखाल तक मार्ग में कुछ पेड़ आ रहे हैं, जिसकी कार्रवाई चल रही है। लेकिन 10 वर्ष बाद भी विभाग बौंठा तक सड़क निर्माण नहीं कर पा रहा है।
प्रधान बौंठा सरिता रावत, पूर्व प्रधान सतेश्वर बौंठियाल ने पीडब्लूडी और वन विभाग पर सड़क निर्माण में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कहा कि मैंदोली से समूचे मार्ग की लंबाई चार किमी है। मैंदोली से बौंठा गांव तक वन अधिनियम आड़े नहीं आ रहा है। फिर भी विभाग सड़क का निर्माण नहीं कर रहा है। विभाग को बौंठा तक सड़क निर्माण करा कर आगे की कार्रवाई वन विभाग से करनी चाहिए।
उधर, लोनिवि के ईई दिनेश बिजल्वाण ने बताया कि वृक्ष क्षतिपूर्ति का प्रस्ताव पहले भेजे गए थे, जिन पर वन विभाग ने आपत्ति लगा दी थी। वन विभाग को एक बार फिर से प्रस्ताव भेजा जा रहा है। स्वीकृति मिलते ही मार्ग पर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।