पंचायती जमीन की नीलामी की निविदा निरस्त करने की है मांग
कंडीसौड़(टिहरी)। बौर–रामगांव की पंचायती/सरकारी जमीन निजी संस्था को लीज पर देने को निकाली गई निविदा के विरोध में ग्रामीणों का क्रमिक अनशन और धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। सुल्याधार में धरना स्थल पर हुई सभा में ग्रामीणों ने कहा कि गो चरान की जमीन की निलामी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने नीलामी की निविदा शीघ्र निरस्त करने की मांग की है।
थौलधार ब्लॉक में बौर-रामगांव में करीब 79 नाली पंचायती जमीन की नीलामी के लिए कुछ दिनों पहले निविदा जारी की गई थी। इसकी सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया था। क्षेत्र के नाराज लोगों ने कलेकट्रेट में भी धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया। उसके बाद ग्रामीणों ने पैतृक भूमि संरक्षण समिति का गठन कर गांव के पास सुल्याधार में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि यह लड़ाई पैतृक जमीन, जल, जंगल और स्थानीय अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ी जा रही है। जब तक पंचायती जमीन की नीलामी की निविदा निरस्त नहीं की जाती है, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही निविदा निरस्त नहीं की जाती है, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। क्रमिक अनशन पर बैठने वालों में जिला पंचायत सदस्य शीशपाल राणा, प्रधान संगठन के अध्यक्ष युद्धवीर सिंह रावत, प्रधान प्रभुलाल डोभाल, चतर सिंह तोमर, प्रधान मीनाक्षी कैंतुरा शामिल थे।