बैजरो। बीरोंखाल ब्लॉक के अंतर्गत पूर्वी नयार नदी के तट पर स्थित व्यापारिक कस्बे बैजरो की करीब एक हजार की आबादी पिछले एक सप्ताह से पेयजल संकट से जूझ रही है। स्थिति यह है कि कस्बे में रह रहे परिवार प्राकृतिक स्रोत और नयार नदी से वाहनों में पानी ढोने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी जल संस्थान और जल निगम के अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं।
बीरोंखाल ब्लॉक के अंतर्गत बैजरो मुख्य व्यापारिक कस्बा है। यह पौड़ी, रामनगर, कोटद्वार व गैरसैंण को जोड़ने वाला बाजार भी है। यहां के लिए जल निगम की ओर से नानस्यूं बैजरो पेयजल योजना बनी है, जिस पर हाल में ही आपदा मद से 15 लाख रुपये खर्च हुए हैं, लेकिन इसके बाद भी ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि मेन लाइन से कुछ लोगों ने अवैध कनेक्शन ले लिए हैँ, जिससे टैंक तक पानी नहीं पहुंचने से उन्हें पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। कहा कि बैजरो बाजार क्षेत्र के लिए जल संस्थान पौड़ी की बापता बैजरो पेयजल योजना से भी न के बराबर पानी आने से ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। बैजरो बाजार क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय समेत तीन अन्य विद्यालय, दो बैंक, होटल, सुलभ शौचालय भी हैं। पानी की कमी के चलते सभी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है।
.
पेयजल योजना पर मुख्य टैंक से पहले रास्ते में पड़ने वाले गांवों में मेन लाइन में अवैध कनेक्शन का मामला संज्ञान में आया है। शीघ्र ही प्रशासन के सहयोग से अवैध कनेक्शन लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- वीआर भट्ट, अवर अभियंता जल निगम पौड़ी
.
बैजरो बाजार में पेयजल आपूर्ति नियमित नहीं होने का मामला संज्ञान में है। मुख्य स्रोत से लेकर बैजरो तक पेयजल लाइन की जांच शुरू करवा दी गई है। शीघ्र ही बाजार क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुचारु करवा दी जाएगी।
- सौरभ पांडे, अवर अभियंता जल संस्थान पौड़ी