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ग्राम प्रधानों को लोक सूचना अधिकारी बनाने पर भड़के प्रधान

Wed, 24 Aug 2016 10:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कोटद्वार
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विकासखंड दुगड्डा के ग्राम प्रधानों ने उन्हें लोक सूचना अधिकारी बनाए जाने का पुरजोर विरोध करते हुए मोर्चा खोल दिया है। कहा कि उत्तराखंड के सिवाय अन्य किसी प्रांत में ऐसा प्रावधान नहीं है।
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प्रधान कोई राजकीय कर्मचारी नहीं है, जो उन्हें लोक सूचना अधिकारी बनाया जाए। प्रधान संघ ने कहा कि वर्तमान में प्रधानों के पास सरकार ने कोई राजकीय अभिलेख तक नहीं रखे हैं। ऐसे में ग्राम प्रधानों को लोक सूचना अधिकारी बनाने का कोई औचित्य ही नहीं है।

दुगड्डा ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष सुरेश रावत, महामंत्री वीरेंद्र सिंह रावत की अगुवाई में प्रधानों ने यहां एसडीएम के माध्यम से मुख्य सूचना आयुक्त को ज्ञापन भेजकर प्रधानों को लोक सूचना अधिकारी नियुक्त किए जाने से उपजी दिक्कत बताई है।
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कहा कि प्रधानों को लोक सूचना अधिकारी बनाए जाने से जनप्रतिनिधियों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है। विकास कार्यों के संपादन के बजाय उन्हें पत्रावलियों में उलझाकर रख दिया गया है। जो कार्य ग्राम पंचायत अधिकारी अथवा ग्राम विकास अधिकारियों को करना चाहिए, वह कार्य अनावश्यक रुप से प्रधानों को लोक सूचना अधिकारी बनाकर थोप दिया गया है।

वर्तमान में जब प्रधानों के पास कोई अभिलेख तक नहीं है तो उन्हें इस जिम्मेदारी से भी मुक्त किया जाना चाहिए। यह दायित्व राजकीय कर्मचारियों को ही दिया जाना चाहिए। प्रधानों ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायतों में बीडीसी सदस्य, ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्ष तक किसी को भी लोक सूचना अधिकारी नहीं बनाया गया है।

पंचायतों में पचास फीसदी महिलाएं प्रधान चुनी गई हैं, कई प्रधानों  की शैक्षिक योग्यता भी बहुत कम है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रधान जितेंद्र सिंह नेगी, जयमल सिंह, बीरेंद्र सिंह रावत, डबल सिंह रावत, पूनम मेहरा, महेंद्र सिंह और मधु राणा आदि शामिल थे।
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