बीरोंखाल/कोटद्वार। बीरोंखाल ब्लॉक के बवांसा तल्ला गांव में ईष्टदेव नरंकार के जागर में देवताओं ने डांगरों पर अवतरित होकर उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। सोमवार को देवडांगर हरिद्वार से गंगा स्नान कर वापस गांव पहुंचे।
ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। नरंकार देव के पुजारी को कंधों पर उठाकर देवता के थान (स्थान) ले जाया गया। मंगलवार सुबह भक्तों ने ईष्टदेव का आह्वान किया और पइंया (पद्म) वृक्ष की पूजा की। नरंकार देव के पुजारी के आह्वान पर भगवान विष्णु का वाहन गरुड़ दिखाई दिए, जिस पर भक्तों ने नरंकार देव के जयकारे लगाए और सभी ने परिवार एवं गांव की खुशहाली की कामना की।
इसके बाद दिशा (बहनों) ने गांव के इष्ट देव की भेंट की और आशीर्वाद लिया। समाजसेवी एवं पूर्व प्रधान हयात सिंह रावत ने बताया कि यह पूजा 15 साल बाद हुई है। जिसमें सभी परिवारों से बहनें आई हुई थीं और उन्होंने इष्ट देव से आशीर्वाद लिया।
उन्होंने बताया कि इस पूजा-अर्चना में मुंबई, इंदौर, भोपाल, दिल्ली, रामनगर, काशीपुर, कोटद्वार, देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल आदि शहरों से श्रद्धालु पहुंचे और उन्होंने परिवार एवं सभी की कुशल कामना के लिए प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व सोमवार रात भर जागर में नरंकार, भैरों, देवी मां, सीता, वीर हनुमान आदि देवी-देवता डांगरों पर अवतरित हुए और भक्तों को आशीर्वाद दिया।