विजय दिवस पर कोटद्वार में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय लैंसडौन की ओर से कोटद्वार सैनिक कल्याण विश्राम गृह में दस वीर नारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। उधर, पूर्व सैनिक सेवा परिषद की ओर से एसबीएम इंटरकालेज जानकीनगर में एक कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को सेेना में जाने के लिए प्रेरित किया गया।
सैनिक विश्राम गृह में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन धारण कर हुई। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास सहायक अधिकारी कैप्टन चंडीप्रसाद धूलिया (से.नि.) ने कहा कि कार्यक्रम का मकसद उन अमर शहीदों को याद करना है, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों को न्योछावर कर दिया।
उन्होंने पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों से समस्याओं का समाधान कराने की अपील की। ले. कर्नल बीएस गुसाईं (से.नि.) ने कहा कि शहीद एवं उनके परिवारों के प्रति हर देशवासी कृतज्ञ है। कार्यक्रम में शहीदों की पत्नियां राजेश्वरी देवी, विमला देवी, वेलमा देवी, गंगोत्री देवी, लीला देवी, गणेशी देवी, चित्रा देवी, चंदी देवी शाकंबरी देवी को सम्मानित किया गया।
दूसरी ओर पूर्व सैनिक सेवा परिषद कोटद्वार की ओर सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज जानकीनगर में आयोजित कार्यक्रम में कमांडेंट रतन सिंह नेगी (से.नि.) ने कहा कि आज देश को युवाओं की सेवा की आवश्यकता है। भारतीय सेना में अधिकारियों की कमी है, इसके लिए युवाओं को खुद को तैयार करना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि 1971 की लड़ाई में हमारे जवानों ने देश रक्षा की खातिर अपना सर्वस्व न्यौछावर किया, उसे देश कभी नहीं भुला सकता।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल ने किया। कार्यक्रम में शौर्य चक्र विजेता बलदेव सिंह नेगी, सावित्री देेवी, प्रेम सिंह बिष्ट, रतन सिंह नेगी, महानंद ध्यानी, बलवान सिंह, सीपी डोबरियाल, सुल्तान सिंह रावत, आनंद सिंह रावत, भोपाल सिंह रावत, सतीश चंद्र तिवारी, संदीप सिंह बिष्ट, लक्ष्मी खंरियाल, संगीता रावत आदि मौजूद थे।