लैंसडौन विधायक के परिवार के दो और सदस्यों सहित 10 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संक्रमितों को आइसोलेट कर दिया है। साथ ही उनके सीधे संपर्क में आए लोगों को भी आइसोलेट किया जा रहा है।
सीएमओ डा. मनोज बहुखंडी ने बताया कि बेस अस्पताल में भर्ती लैंसडौन विधायक दिलीप रावत के परिवार की एक महिला के कोरोना संक्रमित होने के बाद 30 जुलाई को परिवार के 13 सदस्यों के सैंपल लिए गए थे, जिसमें से सोमवार को परिवार के छह वर्षीय बच्चे व एक युवती की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
भाबर के मवाकोट क्षेत्र में 26 जुलाई को एक 72 वर्षीय महिला दिल्ली से आई थी, उसकी कौड़िया चेक पोस्ट पर रैंडम सैंपलिंग की गई थी। उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बेस अस्पताल में दो स्टाफ नर्सों के संक्रमित होने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों की चल रही एंटीजन सैंपलिंग में एक कपड़े धोने वाले की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।
द्वारीखाल ब्लाक के सिलोगी क्षेत्र में 21 वर्षीय एक युवक 24 जुलाई को हरिद्वार से आया था। उसका 25 जुलाई को सैंपल लेकर उसे प्राथमिक विद्यालय में होम क्वारंटीन किया गया है। डाडामंडी क्षेत्र में 24 जुलाई को 21 वर्षीय युवक हरिद्वार से आया था। उसकी रैंडम सैंपलिंग की गई थी। सोमवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। एकेश्वर ब्लाक के एक गांव में 13 वर्ष की एक बच्ची अपने परिवार के साथ 28 जुलाई को दिल्ली से आई थी। इसी दिन पूरे परिवार का कोरोना सैंपल लेकर जांच के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा गया था, जिसमें परिवार को छोड़कर बच्ची की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
भाबर क्षेत्र के जशोधरपुर में एक स्टील फैक्ट्री में रविवार को महिला पर कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य विभाग ने फैक्ट्री में कार्य कर रहे सभी 60 श्रमिकों को आइसोलेट कर उनकी एंटीजन रेपिड कोरोना टेस्ट लिए, जिसमें महिला से संक्रमित होकर तीन अन्य श्रमिकों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। तीनों को कोविड केयर सेंटर में भर्ती कर दिया गया है।
सात कोरोना मरीज स्वस्थ होकर लौटे घर
नई टिहरी। सोमवार को रक्षाबंधन पर कोई कोरोना संक्रमित न मिलने से जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है, जबकि सात लोग स्वस्थ होकर घर लौटे। अब कोरोना पॉजीटिव के 24 एक्टिव केस हैं। जिले में 145 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, 804 सैंपलों की रिपोर्ट अभी बाकी है। स्वास्थ्य विभाग में अब तक 9361 लोगों की सैंपलिंग की, जिनमें से 6739 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। वर्तमान में 243 लोग संस्थागत और 872 लोग होम क्वारंटीन हैं।
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जांच सेंटर में पानी, पंखे तक की व्यवस्था नहीं
कोटद्वार। जिला प्रशासन के निर्देश पर अव्यवस्थाओं के बीच उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले सभी लोगों का यूपी-यूके बॉर्डर स्थित कौड़िया चेक पोस्ट पर कोरोना जांच के लिए सैंपलिंग का कार्य सोमवार से शुरू हो गया है। प्रशासन की ओर से कोरोना सेंटर में अभी तक व्यवस्थाएं नहीं जुटाए जाने से संक्रमण का खतरा बना हुआ है। लापरवाही का आलम यह है कि सैंपल जांच सेंटर में पानी, पंखे तक की व्यवस्था नहीं की गई है। डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को तपती गर्मी में टूटे-फूटे छप्पर के नीचे बैठा दिया गया है।
सोमवार को रक्षाबंधन का पर्व होने के कारण बॉर्डर पर बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से लोग पहुंचे। भीड़ के चलते कोरोना सेंटर में लोगों को जांच के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा। अत्यधिक भीड़ के चलते लोग शारीरिक दूरी का अनुपालन करना भी भूल गए। उधर, एसडीएम योगेश मेहरा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर सोमवार से सैंपलिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। केंद्र में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं जुटाई जाएंगी।