कौड़िया से लेकर सिद्धबली तक राष्ट्रीय राजमार्ग खस्ताहाल है। कौड़िया, झंडाचौक और तहसील चौराहे में एनएच पर सड़क पर पड़े गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। शिकायत के बाद भी एनएच विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिससे लोगों में संबंधित विभाग के खिलाफ रोष व्याप्त है।
कोटद्वार से पौड़ी, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, चमोली आदि जनपदों तक कोटद्वार-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-534 से आवाजाही करते हैं। कोटद्वार में यूपी-उत्तराखंड बार्डर पर स्थित कौड़िया चेक पोस्ट से यह सड़क एनएच खंड धुमाकोट के अधीन है। वर्तमान में कोटद्वार शहर में एनएच के हाल बदतर हैं। कौड़िया से ही सड़क की दुर्दशा बनी हुई है। सड़कों पर फैला अतिक्रमण इस पर सजी दुकानें तो अलग समस्या है, लेकिन जो सड़क वजूद में भी है उस पर भी गड्ढे इतने हैं कि आवाजाही करना मुश्किल हो रहा है। कौड़िया चेकपोस्ट के समीप चौराहा पर सड़क की डामर पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिससे यहां पर धूल से लोग परेशान हैं। झंडाचौक के सामने भी डामर उखड़ने से गहरा गड्ढा हो गया है। वनवे होने के कारण लोगों को यहां आवाजाही करने में दिक्कतें आ रही है। तहसील चौराहे के सामने हाल ही में जल संस्थान की ओर से पेयजल लाइन लीकेज को ठीक करने के लिए खोदा गया गड्ढा भी मुसीबत का सबब बना हुआ है। नागरिक मंच के अध्यक्ष सीपी नैथानी, सदस्य गोविंद डंडरियाल, राजेंद्र सिंह नेगी आदि का कहना है कि उबड़-खाबड़ सड़क दुपहिया वाहन चालकों, राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बनी है। गड्ढे होने के कारण एनएच पर कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन लोनिवि का एनएच खंड धुमाकोट चुप्पी साधे बैठा है।
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आचार संहिता हटने के बाद एनएच में पैच वर्क कर गड्ढों को भरा जाएगा। इसके साथ ही कोटद्वार शहर में कौड़िया से सिद्धबली के पास लोनिवि के गोदाम तक सड़क का डामरीकरण का कार्य भी प्रस्तावित है।
-अरविंद जोशी, अपर सहायक अभियंता एनएच खंड धुमाकोट।