कमिश्नरी मुख्यालय में लोगों को पानी की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। महज एक बाल्टी पानी के लिए धारों में लाइन लगानी पड़ लोगों को पीने के पानी के लिए धारों में रतजगा करना पड़ रहा है। कई जगहों पर टैंकरों से पानी सप्लाई किया जा रहा है।
नानघाट योजना दो सप्ताह से ठीक नहीं हो पाई है। विभागीय लेट-लतीफी लोगों पर भारी पड़ने लगी है। शहर के कई मोहल्लों में पिछले तीन-चार दिनों से पानी की सप्लाई ठप है। जिसके चलते लोगों को प्राकृतिक स्रोतों व धारों पर पानी के लिए रतजगा करना पड़ रहा है।
महिलाएं सुबह से ही धारों में लाइन लगाकर बैठी रहती हैं। बरसात में भी लोगों पर धारों पर छाते लेकर पानी भरना पड़ रहा है। अपर चोपड़ा निवासी अनीता देवी, निशा देवी, गीता देवी, प्रमिला मेमन, चंद्रप्रकाश सहगल आदि ने बताया कि मोहल्ले में तीन-चार दिनों से पानी नहीं आया है। हैंडपंप व धारे से पानी ढोना पड़ रहा है। कई बार धारे में देर रात तक पानी के लिए लाइन पर लगना पड़ रहा है।
जल संस्थान की ओर से श्रीनगर पंपिंग योजना का पानी शहर के लिए नाकाफी साबित हो रहा है। संस्थान की ओर से बुआखाल, छतरीधार आदि मोहल्लों समेत खांड्यूसैंण कस्बे व जिला जेल में टैंकरों से पानी की सप्लाई हो रही है। जल निगम के मुख्य अभियंता जोशी का कहना है कि चिपलघाट सब स्टेशन से नानघाट के लिए बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। बिजली ठीक होने पर पानी से सप्लाई शुरू हो जाएगी।