कोटद्वार। मंदिर जा रहीं तीन महिलाओं पर मधुमिक्खयों के झुंड ने हमला कर घायल कर दिया। महिलाओं ने एक मकान में शरण लेकर जान बचाई। घायल महिलाओं को अस्पताल लाया गया। एक महिला की हालत गंभीर होने पर अस्पताल में भर्ती किया गया।
कोटद्वार के घमंडपुर निवासी सुनीता देवी पत्नी प्रदीप सिंह नींबूचौड़ में अपने मायके में आई हुई थीं। सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे सुनीता देवी अपनी भाभी नींबूचौड़ निवासी बबीता देवी और शोभा रावत के साथ खूनीबड़ मार्ग से होकर शिव मंदिर जा रही थीं। तीनों महिलाओं का सोमवार का व्रत था। मंदिर में जल चढ़ाकर, पूजा अर्चना के बाद ही उन्हें अन्न-जल ग्रहण करना था।
तीनों महिलाएं पैदल जा रही थीं कि अचानक मधुमिक्खयों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। कुछ कदम के फासले पर राहगीर जस के तस ठहर गए। वे चाहकर भी महिलाओं की मदद नहीं कर पा रहे थे। जैसे-तैसे खुद को मधुमिक्खयों से बचाते हुए महिलाएं पास ही एक घर की ओर दौड़ीं। एक परिवार ने महिलाओं को शरण दी और हिम्मत कर मधुमिक्खयों से बुरी तरह घिरी शोभा रावत को कमरे में बंद कर दिया।
शोभा मधुमिक्खयों के झुंड से तो बच गई, लेकिन शरीर से चिपकी मधुमिक्खयों के काटने से वह गंभीर रूप से घायल होने के साथ बेहोशी की हालत में आ गई। वहीं, कमरे के बाहर बबीता व सुनीता को परिवारजनों ने मधुमिक्खयों से बमुश्किल बचाया।
इसके बाद तीनों महिलाओं को बेस अस्पताल लाया गया। शोभा का ब्लड प्रेशर कम होने और बेहोशी की हालत में होने पर भर्ती कर उपचार दिया गया। तीनों महिलाओं की हालत खतरे से बाहर बताई गई।