लैंसडौन। उत्तरकाशी में पिछले दिनों आई आपदा व बिजनौर के बैराज पुल पर जलभराव के चलते लैंसडौन व आसपास का पर्यटन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। पर्यटकों ने वीकेंड की बुकिंग निरस्त करा दी है। जिससे वीकेंड पर पर्यटकों से गुलजार रहने वाले लैंसडौन के मुख्य बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है।
उत्तरकाशी के हर्षिल घाटी में स्थित धराली में आपदा का असर पर्यटन व्यवसाय पर पड़ा है। धराली की घटना के बाद वीकेंड के लिए लैंसडौन और आसपास के क्षेत्र में पर्यटकों द्वारा कराई गई बुकिंग रद्द करवा दी गई है। कोटद्वार दिल्ली रूट पर स्थित बिजनौर के बैराज पुल पर जलभराव होने से रूट डायवर्ट दूसरी वजह बनी है। दिल्ली, मेरठ, गुरुग्राम नोएडा से आने वाले पर्यटकों को वाया मुज्जफरनगर होते हुए अतिरिक्त दूरी तय कर कोटद्वार व लैंसडौन आवाजाही करनी पड़ रही है। जिससे पर्यटकों ने लैंसडौन व आसपास के क्षेत्रों में आने का कार्यक्रम रद्द कर दिया है। वीकेंड पर पर्यटकों के न पहुंचने से पर्यटन प्रभावित हुआ है और पर्यटन कारोबारी निराश हैं। नगर के सभी होटलों, रिसोर्टस, होमस्टे खाली हैं। होटल वाले हाथ पर हाथ रखकर बैठे हैं। होटलों के कमरों की बुकिंग शत प्रतिशत रद्द हो गई है। पर्यटकों के न आने से गुलजार रहने वाले बाजार में भी सन्नाटा पसरा हुआ है।
लैंसडौन होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सतीजा ने बताया कि इस वीकेंड हर होटल में दो-दो, चार-चार कमरों की बुकिंग थी। आपदा के चलते बुकिंग शत प्रतिशत रद्द हो गई है। इस कारण होटलों के कमरे पूरी तरह से खाली हैं। इससे होटल व्यवसायियों की आजीविका प्रभावित हुई है और वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।