दहशत से जल संस्थान का अकेला कर्मचारी पहाड़ी पर लाइन ठीक करने नहीं जा पा रहा
कोटद्वार। कालागढ़ टाइगर रिजर्व (केटीआर) वन प्रभाग व लैंसडौन वन प्रभाग के जंगलों से सटे सेंधी ग्राम पंचायत के पांच गांवों में बीते तीन दिन से पेयजल किल्लत बनी हुई है। बाघ और गुलदार की दहशत के कारण जल संस्थान का अकेला कर्मचारी पहाड़ी पर स्थित पेयजल योजना को संचालित करने के लिए नहीं जा पा रहा है। कर्मचारी ने विभाग से एक और कर्मचारी को उसके साथ तैनात करने की मांग की है।
इन दिनों जयहरीखाल विकासखंड का सेंधीखाल क्षेत्र गुलदार और बाघ की मूवमेंट से दहशतजदा है। प्रधान निर्मला रावत और पूर्व प्रधान भगत सिंह ने बताया कि बाघ की मूवमेंट के कारण जल संस्थान का कर्मचारी करीब एक किलोमीटर दूर पहाड़ी पर योजना का पानी नहीं खोल पा रहा है। इससे सेंधी गांव, सेंधीखाल बाजार, गुणेथा, जोगटा, चौकसेरा की पाइप लाइन में दो दिन से पानी की एक बूंद नहीं टपकी।
ग्रामीणों की ओर से भी जल संस्थान के अधिकारियों से क्षेत्र में एक और कर्मचारी की तैनाती की मांग की गई है। क्षेत्र में केटीआर और लैंसडौन वन प्रभाग के कर्मचारी दिन रात गश्त पर हैं। ऐसे में उन्हें भी पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। जल संस्थान की अवर अभियंता अनुजा गुसाईं ने बताया कि समस्या को देखते हुए एक और कर्मचारी को वहां भेजा जा रहा है।