कोटद्वार। 10 वर्षों से धराट-मुंडला मोटर मार्ग के लिए सरकार से गुहार लगा रहे यमकेश्वर ब्लाक के 10 ग्राम पंचायतों के लोगों का आखिर सब्र का बांध टूट गया। सोमवार से उन्होंने कोटद्वार की सड़कों पर उतरकर ढोल दमाऊं के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र मार्ग निर्माण शुरू किए जाने की मांग की।
सोमवार को तय कार्यक्रम के तहत स्व. सरोजनी देवी लोक विकास मंच के बैनर तले ग्राम पंचायत मुंडला, बल्ली, काटल, मटियाल, स्यालिंगा, उतिर्छा, रामजी, ग्वीराला, बस्तोली, पोखरी के ग्रामीण घराट में एकत्र हुए। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ढोल दमाऊं के साथ घराट से लालपुर, पदमपुर मार्ग, झंडाचौक व बदरीनाथ मार्ग होते हुए तहसील तक जुलूस निकाला। उसके बाद लोगों ने तहसील में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ जमकर प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने सरकार पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि वर्ष 2005 में तत्कालीन सरकार ने घराट-मुंडला मार्ग को स्वीकृत कर उसके निर्माण के लिए 139 लाख रुपये स्वीकृत किए थे। वर्ष 2009 में लोक निर्माण विभाग, वन और राजस्व विभाग ने संयुक्त रूप से सर्वे किया था। इस पर 8.30 हेक्टेयर भूमि वन की आने पर ग्रामीणों ने सड़क के बदले अपनी भूमि वन विभाग को हस्तांतरित कर दी थी। प्रभागीय वनाधिकारी लैंसडौन की ओर से नेशनल पार्क, वन्य जीव अभ्यारण्य की दूरी प्रस्तावित मार्ग से 21 किमी बताते हुए एनओसी भी दे दी है, लेकिन दस वर्ष पूरा होने के बाद भी अभी तक मार्ग पर कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। इसके कारण ग्रामीणों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मार्ग के निर्माण को लेकर शीघ्र कार्रवाई शुरू करने की मांग की।
इस अवसर पर समिति के उपाध्यक्ष सूरभान सिंह रावत, हर्षवर्द्धन सिंह रावत, अन्नपूर्णा जोशी, नेहा नेगी, गजे सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य भरत सिंह नेगी, दीपा देवी, देवेंद्र नेगी, संजय नेगी, धीरज सिंह नेगी, कृपाल सिंह नेगी, कुंवर सिंह रावत, रमेश सिंह, प्रधान मुन्नी देवी, मधु देवी, चंडी प्रसाद कुकरेती व विजय लखेड़ा आदि मौजूद थे।