फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सड़क नहीं होने से हो रहा है पलायन

Tue, 01 Nov 2016 10:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ पौड़ी
विज्ञापन
पौड़ी जनपद के विकासखंड कोट के भट्टकोट गांव में सड़क नहीं होने से कुर्सी में बैठाकर मरीज को अस्पताल ले जाते ग्रामीण। - फोटो : amar ujala.
विज्ञापन
शहर से करीब 18 किमी की दूरी पर बसे भट्टकोट गांव, टुंगर गांव और आर्यनगर के बाशिंदे सड़क नहीं बनने से परेशान हैं। सड़क नहीं बनने से यहां से करीब 30 फीसदी आबादी पलायन कर चुकी है। 
विज्ञापन


तीनों गांवों में वर्तमान में आठ सौ के करीब आबादी है। मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को पांच किमी कच्चे मार्ग से आना पड़ता है। गांवों के लोगों प्राथमिक उपचार के लिए भी पौड़ी की दौड़ लगानी पड़ती है। ऐसे में मरीजों को कुर्सी और डंडियों में बैठाकर अस्पताल लाना पड़ता है। पूर्व सैनिक भगवती प्रसाद पांडेय बताते हैं कि सड़क निर्माण के लिए लोनिवि, डीएम को कई बार कह चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत को भी पत्र भेजा है। बताया कि गांवों में सब्जियों की पैदावार अच्छी होती है, लेकिन सड़क नहीं होने से इसे बाजार नही मिल पा रहा है। सड़क नहीं होने से भट्टकोट गांव से सीताराम भट्ट परिवार समेत दिल्ली में जाकर बस गए हैं। महिधर प्रसाद भट्ट, बांके लाल भट्ट समेत कई परिवारों ने सड़क नहीं होने के कारण पलायन कर दिया।
विज्ञापन



जल्द कार्रवाई नहीं होने पर सात से अनशन का ऐलान
पौड़ी। जनपद के मैंणा, पिलखेरा, सगोड़ा, इसोठी, ईडा के ग्रामीणों ने सड़क के लिए इस बार दीपावली का त्योहार नहीं मनाया। ग्रामीणोें ने पिछले 28 अक्तूबर को प्रदर्शन किया था। उसी दिन भाजपा नेता कविंद्र ईष्टवाल के सड़क के लिए अपने स्तर से पहल करने के आश्वासन दिया, लेकिन छह नवंबर तक कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने सात से अनशन की चेतावनी दी है।                   
ग्रामीण लंबे समय से ईडाखाल-पिलखेरा को संतूधार-मासौं-पाबौ मोटर मार्ग से जोड़ने की मांग कर रहे हैं। प्रधान सगोड़ा महिपाल सिंह का कहना है कि पिछले 18 साल से वे सड़क की मांग कर रहे हैं।

बता दें 18 साल पहले स्वीकृत मोटर मार्ग का लोनिवि ने भूस्खलन के चलते आधे में ही काम छोड़ दिया था। अब हाल ही में रुड़की से आई भू-वैज्ञानिकों की टीम ने सड़क का एलाइनमेंट बदलकर उसे दूसरे किनारे से बनाने की स्वीकृति दे दी, लेकिन विभाग ने डीपीआर शासन को नहीं भेजी। उधर, पीडब्ल्यूडी पाबौ के अधिशासी अभियंता प्रत्यूष कुमार ने बताया कि जल्द ही डीपीआर शासन को भेजेंगे।  
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें