अलकनंदा नदी में मंगलवार को कुछ इस तरह दिखी जेसीबी
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कीर्तिनगर की ओर ज्यूंदी सेरा के समीप दिनभर अलकनंदा नदी में जेसीबी मशीन चलती रही लेकिन प्रशासन बेखबर बना रहा। वहीं जल विद्युत परियोजना कंपनी ने भी कंपनी की ओर से यह कार्य कराए जाने पर साफ इंकार किया। हालांकि कयास लगाए जा रहे हैं कि किलकिलेश्वर मंदिर की ओर नदी की धारा मोड़े जाने के लिए यह कार्य किया जा रहा है। हालांकि इसकी कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
किलकिलेश्वर मंदिर की ओर अलकनंदा का प्रवाह न होने से यहां श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा था, जिस कारण पूर्व में महंत ने आमरण अनशन भी किया था। जल विद्युत परियोजना व राज्य सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर जल्द मंदिर की ओर नदी का प्रवाह नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
हालांकि महंत की इस चेतावनी पर न तो सरकार और ना ही जल विद्युत परियोजना कंपनी ने कोई कार्रवाई की, लेकिन मंगलवार को किसी व्यक्ति ने निजी प्रयासों से अलकनंदा में जेसीबी लगाकर नदी का प्रवाह मंदिर की ओर मोड़ने का कार्य शुरू किया। मंदिर के महंत सुखदेव पुरी ने बताया कि स्थानीय व्यक्ति की ओर से यह कार्य किया जा रहा है।
इनका कहना है -
प्रभारी तहसीलदार शंकर चौरसिया ने नदी में जेसीबी से कार्य किए जाने की जानकारी न होने की बात कही।
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विद्युत परियोजना कंपनी के पीआरओ वाईआर शर्मा ने भी कंपनी की ओर से इस तरह का कोई कार्य कराए जाने से साफ इंकार किया।