दुगड्डा ब्लाक में नालीखाल-पोखरी (अजमीर) मोटर मार्ग का बरसात से बुरा हाल है। महाबगढ़ के पास नौ किमी पर टूट रही चट्टान से सड़क पर छोटे वाहन भी नहीं चल पा रहे हैं। लोगों को रोजमर्रा के जरूरी काम के लिए 14 किमी का पैदल सफर तय कर वाहन पकड़ने के लिए दुगड्डा-कांडी मार्ग पर नालीखाल आना पड़ रहा है। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए लोनिवि विश्व बैंक इकाई पौड़ी के अधिकारी जब क्षेत्र में पहुंचे तो उन्हें क्षेत्रवासियों का कोपभाजन बनना पड़ा।
नालीखाल-पोखरीखेत मोटर मार्ग को बने तो कई साल हो गए, लेकिन डामरीकरण और चौड़ीकरण के लिए इस मार्ग पर लोनिवि के तीन-तीन डिवीजन काम देख रहे हैं। इसके बावजूद सड़क बदहाल पड़ी है। चौदह किमी यह सड़क मूल रूप से लोनिवि के प्रांतीय खंड दुगड्डा के पास है, लेकिन इस पर आजकल लोनिवि के एडीबी खंड दुगड्डा और विश्व बैंक इकाई पौड़ी सड़क चौड़ीकरण का काम देख रहे हैं। ग्रामीणों की मुश्किल यह है कि सड़क पूरी बरसात में बंद रही।
कभी महाबगढ़ से पहले तो कभी बाद में चट्टान टूटने से आया मलबा मुसीबत बना हुआ है। जौरासी के प्रधान चंडीप्रसाद कुकरेती की अगुवाई में क्षेत्रीय ग्रामीणों ने सड़क देखने आए विश्व बैंक इकाई लोनिवि पौड़ी के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते प्रदर्शन किया। ग्रामीण बचन सिंह चौहान, शिवप्रसाद कंडवाल, जगमोहन सिंह नेगी, जवाहर सिंह, सोहनलाल, महेंद्र सिंह और सुनील बिष्ट ने बताया कि सड़क बीस दिन से बंद है। कार्यदायी एजेंसी इस ओर ध्यान नहीं दे रही हैं। सड़क पर भारी वाहन तो दूर, छोटे वाहन और एंबुलेंस चलना भी मुश्किल हो गया है। नौ किमी पर ऊपर से टूट रही चट्टान पैदल चलने वाले लोगों के लिए खतरा बनी हुई है।
मौके पर जेसीबी और कंप्रेशर मशीन भेज दी गई है। पहाड़ को काटकर सड़क बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
-प्रणववीर सिंह, अवर अभियंता लोनिवि विश्व बैंक इकाई पौड़ी।