राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर ने उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) से पुराना हिसाब-किताब चुकता करने को कहा है। कालेज प्रशासन ने विवि को लगभग 13 लाख रुपये वापस करने को कहा है। यह धनराशि कालेज ने समय-समय पर परीक्षा शुल्क के रुप में विश्वविद्यालय में जमा कराई थी।
वर्ष 2014 में एचएनबी मेडिकल विवि के अस्तित्व में आने से पूर्व वर्ष 2009 से 2013 तक श्रीनगर मेडिकल कालेज यूटीयू से संबद्ध था। इस अवधि में कालेज ने अलग-अलग वर्षों में लगभग 13 लाख रुपये जमा कराए। यह रकम विश्व की ओर से परीक्षा आयोजन (वाह्य परीक्षकों, आंतरिक परीक्षकों, कक्ष निरीक्षकों और परीक्षा अधीक्षकों सहित अन्य मद ) में खर्च की जानी थी। इस बीच कालेज ने अपने स्तर से ही परीक्षाएं संपादित कराई। छात्रों से लिए गए शुल्क को विवि में जमा कराने के कारण कालेज परीक्षकों और अन्य स्टाफ की फीस नहीं चुका पा रहा है। इसे देखते हुए कालेज ने विवि से अपनी रकम वापस मांगी है।
कालेज के प्राचार्य प्रो. सीएमएस रावत ने बताया कि विवि को अवशेष धनराशि कालेज के खाते में जमा करने के लिए पत्र भेजा गया है। यह छात्रों से लिया गया शुल्क है, जिससे परीक्षा आयोजन की देनदारियां चुकाई जाएंगी। इधर, यूटीयू के कुलपति प्रो. पीके गर्ग ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि मेडिकल कालेज का जो भी बकाया होगा, भुगतान कर दिया जाएगा।