उत्तराखंड भ्रष्टाचार निवारण समिति ने यूपीसीएल के उच्चाधिकारी पर पूर्व में लगे आरोपों और आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग की है। समिति ने जांच होने तक संबंधित अधिकारी को पदमुक्त रखने की भी मांग की है।
समिति के सदस्य बीएस नेगी, विमला देवी, सरोज थपलियाल, मंजू रावत, रेखा देवलियाल और रंजना असवाल सहित 16 लोगों ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजते हए कहा कि यूपीसीएल के उक्त उच्चाधिकारी ने वर्ष 1988 से 1990 तक विभाग से अनुमति लिए बिना एलएलबी की पढ़ाई की। उन्होंने नौकरी के दौरान फर्जी बिल बनाकर वित्तीय अनियमितता की। ऐसे में संबंधित अधिकारी की जांच होनी जरूरी है।