द्वारीखाल के दिऊसा गांव में वर्ष 2010 में आई आपदा में पत्नी और भवन गंवाने वाले वृद्ध फतेह सिंह रावत ने सोमवार से यहां तहसील मुख्यालय पर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। अनशनकारी का कहना है कि उसे प्रशासन ने पूरा मुआवजा नहीं दिया।
उसे पांच लाख रुपये दिए जाने थे, जिसमें केवल तीन लाख रुपये ही उसे दिए गए। शेष दो लाख रुपये के लिए वह प्रशासन के चक्कर काटकर थक चुका है। अनशनकारी ने कहा कि जब तक उसे पूरा भुगतान नहीं मिलता, तब तक वह अनशन से नहीं उठेंगे।
बताया कि तेरह अगस्त, 2010 में अतिवृष्टि और भूस्खलन के चलते उनकी पत्नी रूद्रा देवी की मौत हो गई और मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया था। 85 वर्षीय बुजुर्ग अनशनकारी ने प्रशासन से पूर्ण मुआवजा देने की मांग की है।
उधर, एसडीएम जीआर बिनवाल का कहना है कि इस मामले की पूर्व में जांच हो चुकी है, शासन से तीन लाख रुपये ही स्वीकृत हुए थे, जो दे दिया गया है, लेकिन वृद्ध अनशनकारी मानने को तैयार नहीं है। उन्हें समझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।