श्रीनगर। देवप्रयाग विधायक एवं चौरास क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की ओर से चौरास को जिला स्तरीय प्राधिकरण एवं रेलवे स्टेशन के आसपास 400 मीटर तक के क्षेत्र को फ्रीज जोन से मुक्त करने के मामले में शासन स्तर से तेजी दिखाई जा रही है। इस मामले में प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने डीएम टिहरी व उपाध्यक्ष जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण टिहरी को पत्र भेजकर इस संदर्भ में प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। जिससे इसे कैबिनेट में रखकर स्थानीय लोगों को राहत दिलाई जा सके।
प्रमुख सचिव की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आठ सितंबर को विधायक देवप्रयाग एवं उनके साथ उपस्थित ग्राम नैथाणा, मलेथा, रानीहाट, देवली, थापली, गोरशाली, मंगसू, चौरास, मढ़ी-चौरास एवं कीर्तिनगर के जनप्रतिनिधियों ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई ब्रॉडगेज लाइन परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन मलेथा के परिसर की सीमा के बाद 400 मीटर तक के क्षेत्र को फ्रीज जोन घोषित किए जाने पर आपत्ति जताई। साथ ही प्राधिकरण के स्थगित क्षेत्र में प्राधिकरण की ओर से की जा रही चालानी कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई गई थी। कहा- रेलवे स्टेशन मलेथा के फ्रीज जोने में शिथिलता के लिए पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की अनुसूची-3 के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है। इसलिए इस संबंध में रेल विकास निगम लिमिटेड से अनापत्ति प्राप्त करते हुए प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें, जिससे प्रस्ताव को मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि जन समस्याओं का निराकरण उनकी प्राथमिकता में है। कहा-मुख्यमंत्री व प्रमुख सचिव के समक्ष यह मामला रखे जाने पर प्रमुख सचिव ने डीएम से जल्द से जल्द प्रस्ताव भेजने को कहा है। जिससे इन मामलों को कैबिनेट की बैठक में रखा जा सके।