कोटद्वार। द्वारीखाल ब्लॉक के ठांगर गांव में शनिवार सुबह बच्चे पर गुलदार के हमले से ठांगर समेत आसपास के गांवों के ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। गांव में एक इंटर कॉलेज, प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र भी हैं। द्वारीखाल और कल्जीखाल ब्लॉक के 10 गांवों के बच्चे यहां पढ़ने आते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से हमलावर गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।ग्राम प्रधान ठांगर सोनम देवी, सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र सिंह ने बताया कि हमर गौं मा गुलदार क हमला पहली घटना। गुलदार तो गांव में लगातार देखे जाते रहे हैं। प्राकृतिक स्वभाव के चलते गुलदार उनके गाय और बकरियों पर हमला कर उन्हें मार डालते थे, लेकिन इससे पहले उन्होंने कभी भी इंसान पर गुलदार के हमले के बारे में अपने पूर्वजों से नहीं सुना। बालक पर गुलदार के हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। उन्होंने बताया कि गांव में राजकीय इंटर कॉलेज कैंडुल ठांगर, राजकीय प्राथमिक विद्यालय ठांगर और आंगनबाड़ी केंद्र ठांगर हैं, जिसमें द्वारीखाल ब्लॉक के अंतर्गत ठांगर, तल्ला कैंडुल, मल्ला कैंडुल, बनेला, नेरूल समेत कल्जीखाल ब्लॉक के ग्वाड़ी, तोली और चोपड़ा गांव के बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। कहा कि गुलदार गांव में बरसात शुरू होने के बाद से लगातार दिख रहा है। उन्होंने हमलावर गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।
उधर, लैंसडौन के रेंज अधिकारी राकेश चंद्रा ने बताया कि गांव में घर एक दूसरे से काफी दूर हैं। साथ ही गांव में बरसात के कारण झाड़ियां बढ़ गई हैं। उन्होंने गांव के एक 76 वर्षीय वृद्ध के हवाले से बताया कि क्षेत्र में इंसान पर गुलदार के हमले की यह पहली घटना है। कहा कि ग्रामीणों की ओर से पिंजरा लगाने के संबंध में अभी तक लिखित रूप में कुछ नहीं मिला है। सुरक्षा की दृष्टि से प्रभावित गांव में वनकर्मियों की तैनाती कर दी गई है।