मंडल मुख्यालय में दफ्तरों और जिला अस्पताल की दशा देख गढ़वाल मंडल आयुक्त विनोद शर्मा खासे आहत हुए हैं। अपर कृषि निदेशक कार्यालय के निरीक्षण के दौरान यहां के मुखिया अपर कृषि निदेशक ही दफ्तर में नहीं मिले। महकमे के कुछ अन्य अधिकारी और कर्मी भी वहां मौजूद नहीं थे। आयुक्त ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि मामले में कृषि सचिव से वार्ता की जाएगी।
आयुक्त विनोद शर्मा ने मंडल मुख्यालय समेत गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों का भ्रमण करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल तथा बिजली आदि मूलभूत समस्याओं का जायजा लिया। पत्रकारों से बातचीत में आयुक्त ने कहा कि अपर कृषि निदेशक कार्यालय की व्यवस्थाओं केसंबंध में कृषि सचिव से वार्ता की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को पहाड़ का मोह नहीं है जोकि बहुत बड़ी चिंता का विषय है। अधिकारियों व कर्मचारियों से अपनी इस प्रवृत्ति में शीघ्र ही सुधार लाने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने कहा कि जिला अस्पताल पौड़ी के भ्रमण के दौरान उन्हें पुरुष वार्ड में मरीजों के विस्तर आदि बेहद गंदे मिले। ऐसे में विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को इस पर शीघ्र ही कार्रवाई करने को कहा। कहा कि इस लापरवाई पर डीजी चिकित्सा से वार्ता की जाएगी।
आयुक्त ने कहा कि सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लें, लापरवाही बरतने पर अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों के भ्रमण के दौरान पाया गया कि पहाड़ी जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी व सड़क समेत आदि बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिसके लिए सभी जिलाधिकारियों सहित अन्य जिलास्तरीय अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों का भ्रमण कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे व निस्तारित करेंगे।
आयुक्त ने क्षेत्रों में शिक्षा की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर में ठोस सुधार होने जरूरी हैं। शिक्षा महकमे के अधिकारियों व शिक्षकों से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने को कहा। लैंसडोन क्षेत्र के भ्रमण में उन्होंने सैन्य छावनी की ओर से जल संरक्षण के लिए की गई व्यवस्था को सराहनीय पहल बताया।
कहा कि जिले के अन्य क्षेत्रों में इस विधि को अपनाकर पहाड़ों में पानी की समस्या से निजात दिलाई जा सकती है। उन्होंने जलागम को इस विधि का वैज्ञानिक तरीका अपनाकर प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए।