आधारभूत सुविधाओं के अभाव में दिनोंदिन बढ़ रहीं ग्रामीणों की समस्याएं, न खेत सुरक्षित और न खुद
दुगड्डा (कोटद्वार)। विकासखंड दुगड्डा मुख्यालय से सटा होने के बावजूद गांव साझासैंण मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। सिंचाई की पर्याप्त सुविधा नहीं होने से खेत बंजर होने के कगार पर हैं। रोजगार के अभाव में लोग गांव छोड़ने को मजबूर हैं। गांव के अस्तित्व और जमीनों को बंजर होने से बचाने के प्रयास खोखले साबित हो रहे हैं।
वर्तमान में ग्राम पंचायत सिमलचौड़ के राजस्व गांव साझासैंण की पहचान दशकों पुरानी है। बदलते वक्त के साथ यहां के हालात बिल्कुल नहीं बदले। यातायात सुविधा का अभाव हाेने से ग्रामीण दुगड्डा स्थित बाजार तक पैदल आवाजाही को मजबूर हैं। जीविकोपार्जन के लिए ग्रामीणों ने कृषि कार्य तो चुना लेकिन वन्यजीवों से फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने के कारण ग्रामीणों का खेती के प्रति रुझान कम हो गया है।
वहीं, राजकीय सेवाओं से सेवानिवृत्त होने पर कुछ ग्रामीणों ने नए मकान बना लिए तो गांव में पूर्वजों द्वारा बनाए गए कई मकान खस्ताहाल में हैं। बच्चों की शिक्षा के लिए 1964 में स्थापित प्राथमिक विद्यालय पिछले करीब एक दशक से लैंटाना झाड़ियों के बीच वीरान स्थिति में है।
ग्रामीण आत्माराम, गोपाल सिंह, त्रिलोक सिंह, महेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान पारेश्वरी देवी, ऊमा देवी, सरपंच शकुंतला देवी आदि का कहना है कि वन्यजीवों से निजात दिलाने के लिए वन विभाग की ओर से सोलर फेंसिंग लगाए जाने पर फसलों को वन्यजीवों से सुरक्षा मिलेगी। इसके बाद लोगों में खेती की ओर रुझान बढ़ेगा। साथ ही ग्रामीणों को वन्यजीवों से से सुरक्षा मिलेगी।
ग्रामीणों की ओर से लिखित मांग मिलने पर वन्यजीवों से खेतों और क्षेत्रवासियों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए सोलर फेंसिंग का प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। -उमेश चंद्र जोशी, वन क्षेत्राधिकारी, दुगड्डा रेंज, लैंसडौन वन प्रभाग।