एकेश्वर ब्लॉक के अंतर्गत जीआईसी कुलासू में कार्यरत शिक्षक गणेश पसबोला ने साहस का परिचय देते हुए गुलदार के शावक के मुंह में फंसे प्लास्टिक का डिब्ब्बे को निकालकर उसकी जान बचाने के साथ ही मानवीयता की मिशाल पेश की है।
शिक्षक गणेश पसबोला ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह 10:50 बजे वह कक्षा में बच्चों को पढ़ा रहे थे। तभी खेल मैदान के बाहर उन्हें छात्र-छात्राओं व अन्य शिक्षकों की आवाज़ सुनाई दी। वह कक्षा से बाहर आए तो उन्हें खेल मैदान के पास गुलदार का एक शावक दिखाई दिया, जिसके मुंह में प्लास्टिक का डिब्बा फंसा हुआ था।
इस कारण शावक को दिखाई नहीं दे रहा था और वह इधर-उधर भटक रहा था। शिक्षक गणेश ने साहस का परिचय देते हुए शावक के मुंह से प्लास्टिक हटाकर उसकी जान बचाकर मानवता की मिशाल पेश की। उन्होंने बताया कि शावक को बचाने के पहले प्रयास में शावक उछल गया, लेकिन दूसरे प्रयास में वो प्लास्टिक के डिब्बे को निकालने में सफल हो गए।
गुलदार के हमले का भय
डिब्बा मुंह से निकलते ही शावक भाग गया। इस दौरान शावक के पंजे का नाखून उनके बाएं हाथ में चुभ गया। शिक्षक ने नौगांवखाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य देवेंद्र बर्थवाल ने बताया कि उनके विद्यालय में कुलासू, मथाणा, अमोली, ग्वाड़ गांवों से करीब तीन से चार किमी की दूरी तय कर छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। रास्ते में झाड़ियां उगी हुई हैं, जिससे विद्यार्थियों व शिक्षकों में गुलदार के हमले का भय बना हुआ है। उन्होंने शासन-प्रशासन से विद्यालय के रास्ते की झाड़िया कटवाने की मांग की है।
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उधर, गढ़वाल वन प्रभाग के दमदेवल रेंज अधिकारी आरएस नेगी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। गुलदार के शावक के मुंह में फंसे डिब्बे को निकाल लिया गया है। स्टाफ को मौके पर भेजकर शिक्षक से घटना के बारे में जानकारी ली जा रही है।